भारत द्वारा 'मिशन शक्ति' के तहत एंटी सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण करने पर बुधवार को पड़ोसी देश चीन ने प्रतिक्रिया दी। चीन ने कहा कि उम्मीद है सभी देश अंतरिक्ष में शांति बनाए रखेंगे। इस परीक्षण के बाद भारत विश्व का चौथा ऐसा देश बन गया है जो दुश्मन की सैटेलाइट मार गिराने की क्षमता रखता है। भारत के अलावा अमेरिका, रूस और चीन के पास ही यह तकनीक है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि भारत ने एक एंटी सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अद्भुत उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सफलता भारत को स्पेस सुपर पॉवर (अंतरिक्ष महाशक्ति) के समूह में शामिल करती है।
भारत द्वारा मिसाइल के सफल परीक्षण को लेकर समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा पूछे गए सवाल पर चीन के विदेश मंत्रालय ने लिखित रूप में अपना पक्ष रखा है। इसमें कहा गया, 'हमने रिपोर्ट देखी हैं और हमें उम्मीद है कि सभी देश बाहरी अंतरिक्ष में शांति बनाए रखेंगे।' बता दें कि चीन ने ऐसा ही परीक्षण जनवरी 2017 में किया था। परीक्षण में चीन की एंटी सैटेलाइट मिसाइल ने एक खराब मौसम उपग्रह को मार गिराया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की राजधानी दिल्ली में कहा कि यह कदम किसी देश के खिलाफ नहीं उठाया गया है और लक्षित की गई सैटेलाइट पहले ही निशाने के रूप में तय कर ली गई थी। उन्होंने कहा कि भारत ने कोई अंतरराष्ट्रीय कानून या संधि का उल्लंघन नहीं किया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने मिशन शक्ति को लेकर कहा कि भारत का बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की दौड़ में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारा हमेशा से यही मानना है कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल केवल शांति संबंधित कार्यों के लिए होना चाहिए। हम बाहरी अंतरिक्ष के हथियारकरण के खिलाफ हैं और अंतरिक्ष आधारित संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करते हैं।