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चीन की दुनिया के सामने बड़े मददगार के तौर पर उभरने की कोशिश, क्या इसके पीछे भी है कोई चाल!

Wed, 15 Apr 2020 09:04 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

  • आसियान प्लस थ्री देशों से अपील, साथ मिलकर कोरोना को जल्दी हराएं
  • 10 करोड़ मास्क, 1 करोड़ पीपीई किट पूर्वी एशियाई देशों में भेजने को तैयार
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चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग (फाइल) - फोटो : PTI
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विस्तार
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अगर किसी देश को कोविड-19 के खिलाफ जल्दी जंग जीतनी है, तो चीन इसके लिए हर मदद के लिए तैयार है। आसियान प्लस थ्री (एपीटी) के 10 सदस्य देशों सहित जापान और कोरिया से चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग ने कहा है कि दुनिया के 200 से ज्यादा देश इस वक्त कोविड-19 के खतरनाक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में एपीटी के सदस्य देशों को पूर्वी एशिया के तमाम देशों की मिलकर मदद करनी चाहिए।

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इसके लिए चीन हर तरीके की मदद करने को तैयार है। फिलहाल चीन ने दस करोड़ फेस मास्क, एक करोड़ प्रोटेक्टिव सूट और दूसरे ज़रुरी उपकरण आसियान देशों को भेज रहा है।

जाहिर है जब चीन पर लगातार कोरोना को दुनिया भर में जानबूझकर फैलाने की साजिश करने का आरोप लग रहा है, ऐसे में उसकी इस पेशकश को तमाम देश किस तरह लेंगे, ये देखने वाली बात होगी।

बावजूद इसके वुहान और अपने चंद शहरों से कोरोना की जंग जीतने के बाद अब दुनिया को ये संदेश देने की कोशिश में लगातार लगा है कि इससे उबरने के लिए भी सब चीन पर ही भरोसा करें और उसकी मदद लें।

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चीनी प्रधानमंत्री बेहद संवेदना का इजहार करते हुए आसियान प्लस थ्री देशों की स्पेशल समिट को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिये संबोधित किया और अपना मानवीय चेहरा दिखाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि कोरोना 200 देशों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जिंदगी के साथ तो गंभीर खतरा है ही, दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत बड़ा संकट पैदा कर रहा है, इसलिए इसे जल्द से जल्द खत्म करना बहुत जरूरी है।

चीन का कहना है कि सभी देशों को मिलकर इससे निजात पानी है और इस संकट ने ये साबित कर दिया है कि ये किसी एक के लिए नहीं, बल्कि सबके भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इसके लिए जरूरी है कि हर आदमी अपनी प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) मजबूत करे।

चीन ने इसके लिए आसियान रेस्पांस फंड बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि इसमें आसियान-चीन कोऑपरेशन फंड और एपीटी कोऑपरेशन फंड के जरिये सहयोग किया जाएगा।

चीन ने एपीटी के जरिये जरूरी मेडिकल सुविधाएं और आपातकालीन चीजों की सप्लाई सुनिश्चित कराने का भी भरोसा दिलाया। चीन का ये भी सुझाव है कि एपीटी विश्व स्वास्थ्य संगठन की भी हर संभव मदद करें ताकि दुनिया भर में उसके जरिये कोरोना की लड़ाई को और कारगर बनाया जा सके।

बैठक में चीन के अलावा जापान, कोरिया और आसियान के दस देशों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया और कोरोना के संकट से पूर्वी एशिया के देशों को जल्दी से जल्दी उबारने के रास्ते तलाशने की कोशिश की।

वियतनाम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सहयोग और समर्थन के साथ आगे बढ़ने की जो बात कही गई और खासकर चीन जिस तरह खुद को सबका हमदर्द साबित करने की जी तोड़ कोशिश में दिखा, उससे साफ है कि अब उसका मुख्य मकसद दुनिया के सामने खुद को पाक साफ दिखाना और मदद के नाम पर हर देश को अपना मुरीद बना लेना है, जिसे शायद तमाम देश समझते भी हैं और अपनी रणनीति या कूटनीति उसी तरह बनाने में लगे भी हैं।

 

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