शियान में लगे सख्त लॉकडाउन को लेकर लोगों का गुस्सा अब देश के शीर्ष नेता शी जिनपिंग पर भी फूट रहा है।
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चीन के पश्चिम में स्थित शियान शहर में कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से दो हफ्ते पहले लॉकडाउन लगा दिया गया। शी जिनपिंग सरकार लगातार कोरोना महामारी को रोकने के लिए इसी तरह शहरों में सेवाओं को सख्ती से बंद करने का फरमान जारी करती जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि शियान में तो अब सरकार की इस सख्ती की वजह से भुखमरी के हालात तक पैदा होने लगे हैं। ऐसे लोगों में अब असंतोष पैदा होने लगा है। शियान में रहने वाले लोगों ने तो इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना भी शुरू कर दिया है।
बताया गया है कि शियान में पिछले करीब 12 दिनों से लोग खाने और चिकित्सा सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं। अधिकारियो ने 1.3 करोड़ की आबादी वाले इस शहर की सीमाओं को पूरी तरह सील रखा है, वह भी तब जब यहां सिर्फ 1600 संक्रमित ही मिले। इसी सख्त लॉकडाउन के खिलाफ अब चीनी नागरिकों ने अपनी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। लोगों ने लॉकडाउन की खराब व्यवस्था और खाने की कमी को लेकर कम्युनिस्ट सरकार के अधिकारियों पर निशाना साधा है।
चीन में खत्म ही नहीं हो रहा लॉकडाउन लगने का सिलसिला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शियान शहर में जो हाल हैं, वैसे हाल चीन में तब भी नहीं थे, जब कोरोनावायरस के केंद्र रहे वुहान शहर को बंद किया गया था और पूरे देश के लिए जीरो कोविड नीति का एलान हुआ था। हालांकि, डेल्टा वैरिएंट के दुनियाभर में कहर मचाने के बाद चीन के अधिकारियों ने इन लॉकडाउन को और सख्त करना जारी रखा है। जहां पूरी दुनिया अब डेल्टा वैरिएंट के खतरे से उबरकर सामान्य जीवन की तरफ लौटने की कोशिश कर रही है, वहीं चीन में अब तक कई शहरों को बंद रखा जा रहा है।
लॉकडाउन से पहले कम थे मामले, पर अब केस बढ़ने की रफ्तार तेज
चीन की जीरो कोविड-19 नीति के तहत शियान में सख्त लॉकडाउन तो लगा है, पर इससे कोरोना के मामले आने पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। यहां पिछले 10 दिनों से हर दिन 100 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसका असर यह हुआ है कि अधिकारी चीनी कैलेंडर के हिसाब से होने वाले नए साल के जश्न से पहले भारी दबाव में हैं। इसके अलावा फरवरी में बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक का भी आयोजन होना है।