पाकिस्तान के जाने-माने राजनीतिक स्तंभकार हसन निसार ने देश में तानाशाही राज का समर्थन किया है। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा कि देश में कम से कम 15 साल के लिए अधिकारवादी सत्ता होनी चाहिए। तभी पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का हल होगा।
निसार ने कहा, "जो भी लोग लोकतंत्र की मांग करें, उन्हें फायरिंग स्कवाड के सामने खड़ा कर के गोलियों से भून देना चाहिए और इन गोलियों के पैसे भी उनके परिवार से ही लिए जाने चाहिए।" स्तंभकार ने कहा, "देश के सिस्टम को अब सिर्फ एक अतातायी शासक ही सुधार सकता है। फिर चाहे वह शिक्षा का मसला हो या आबादी प्रबंधन का।"
पीएम इमरान खान की सरकार का समर्थन करते हुए निसार ने नवाज शरीफ और बेनजीर भुट्टो के परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने गुस्साते हुए कहा, "तानाशाही के अलावा कोई और विकल्प नहीं है, वर्ना तबाही की सारी सीमाएं पार हो जाएंगी।" इस पर जब शो की एंकर ने निसार से पूछा कि क्या इमरान खान को फिर से पांच साल दिए जाने चाहिए, तो उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम पीएम को पांच और साल दें।
हालांकि, निसार के इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, कई यूजर्स ने इन विचारों के लिए स्तंभकार को आड़े हाथों लिया। @sahunzai नाम के एक यूजर ने कहा कि हसन निसार टीवी इंटरव्यू में जो कुछ बोले, वह अस्वीकार्य है। हिंसा भड़काना कहीं से भी अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है। यह आदमी सीधे तौर पर फासीवाद को बढ़ावा दे रहा है। एक और यूजर वसीम अब्बासी ने कहा कि हसन निसार को टीवी पर प्रोपेगंडा फैलाने के लिए बैन कर देना चाहिए। यह 22 करोड़ पाकिस्तानियों की बेइज्जती है। लोगों में पहले ही गुस्सा फैला है।