अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्तान को दिए जाने वाले बेलआउट पैकेज पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने वॉशिंगटन स्थित आईएमएफ के मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि पाकिस्तान को दी जाने वाली किसी भी आर्थिक मदद का इस्तेमाल चीन के लिए न किया जाए।
वेल्स ने कहा कि अमेरिका ने बीते एक दशक में पाक को दी जाने वाली मदद को दो अरब डॉलर से घटा कर सात करोड़ डॉलर कर दिया है। यह लगभग 95 फीसदी कटौती है। वेल्स के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा के नजरिए से पाक पर नकेल कसना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा करते हैं कि अफगानिस्तान के करीब होने के कारण पाकिस्तान महत्वपूर्ण हो जाता है लेकिन यह बिलकुल उलट है।
चीन ने पाकिस्तान में भारी निवेश किया हुआ है। चीन पाक आर्थिक गलियारा ही 60 अरब डॉलर की योजना है। यही अमेरिका की चिंता का मुख्य कारण है। विदेश मंत्री पाइक पोम्पियो ने पहले ही आईएमएफ को इस बात पर सचेत रहने को कहा है कि पाकिस्तान को दी गई किसी भी अमेरिकी मदद का इस्तेमाल चीन के लिए नहीं होना चाहिए।