कनाडा पुलिस के अफसरों तक चीन की पहुंच।
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अमेरिकी और यूरोपीय महाद्वीप पर चीन के जासूसी तंत्र की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर सरकारी विभागों में चीन ने तेजी से घुसपैठ बढ़ाई है। साइबर हमलों के साथ-साथ चीन ने अपने जासूसों को भी कई विभागों में काम पर लगाया है। ऐसा ही एक ताजा मामला कनाडा से सामने आया है, जहां एक 60 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह अवैध तरीके से चीन की मदद कर रहा था। इस मामले की जांच 2021 में शुरू हुई थी।
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने बताया कि गिरफ्तार पुलिसकर्मी का नाम विलियम मैजशर है और वह मूल रूप से हॉन्गकॉन्ग का है। मैजशर ने कथित तौर पर अपनी जानकारी और नेटवर्क का इस्तेमाल चीन को फायदा पहुंचाने वाली खुफिया जानकारी को इकट्ठा करने में किया।
पुलिस के मुताबिक, मैजशर के खिलाफ सूचना सुरक्षा कानून और विदेशी संगठन के लिए जासूसी और साजिश रचने के मामलों में केस दर्ज किया गया है। मैजशर की इन संदिग्ध गतिविधियों को लेकर 2021 में जांच बिठाई गई थी। आरोप है कि इस रिटायर्ड अफसर ने कनाडा के कानून के दायरे से बाहर रहे लोगों की पहचान और उन्हें डराने में भी चीन सरकार की मदद की।
गौरतलब है कि चीन और कनाडा के बीच बीते कुछ वर्षों में रिश्ते काफी खराब हुए हैं। इसी साल मई में कनाडा ने चीन के राजनयिक झाओ वेई को लौटा दिया था। वेई पर कनाडा की राजनीति में दखल देने के आरोप लगे थे। हालांकि, चीन की तरफ से इन आरोपों को गलत करार दिया गया था। इस साल मार्च में भी कनाडा के राष्ट्रपति जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा के चुनावों में दखल से जुड़ी रिपोर्ट्स को लेकर जांच बिठाने का एलान किया था। आरोप हैं कि चीन ने 2019 और 2021 में कनाडा के चुनावों में दखल देने के प्रयास किए।