गुरुवार को चीन में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे चीन के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब स्तर पर पहुंच गया है। गौरतलब है कि चीन ने अरबों डॉलर खर्च कर और कई वर्षों की मेहनत के बाद वायु प्रदूषण की समस्या दूर की थी, लेकिन गुरुवार को चीन की इस पूरी मेहनत के बावजूद वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ा। चीन की राष्ट्रीय वेधशाला ने बुधवार को देश के कुछ हिस्सों में भारी कोहरे के चलते येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें कहा गया कि गुरुवार को हेबेई, बीजिंग, तियानजिन, हेनान, अनहुई, जियांग्सू, हुबेई, सिचुआन बेसिन और चोंगकिंग के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चीन ने किए कई उपाय
चीन में वायु प्रदूषण और कोहरे की समस्या आजकल दुर्लभ है क्योंकि चीन की सरकार ने साल 2016 में वायु प्रदूषण दूर करने के लिए कई बड़े कदम उठाए थे। इसके तहत सरकार ने भारी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने और स्थानांतरित करने सहित कई कदम उठाए और इस काम पर अरबों डॉलर खर्च किए। अधिकारियों का कहना है कि शहर में सर्दियों में कोयले से चलने वाले हीटिंग सिस्टम की जगह प्राकृतिक गैस या इलेक्ट्रिक पब्लिक हीटिंग सिस्टम अपनाने से प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिली है।
ये भी पढ़ें-
Ukraine: यूक्रेन को अरबों डॉलर देने की तैयारी, यूरोपीय संघ के नेताओं की आज अहम बैठक
वायु गुणवत्ता में सुधार का दिख रहा असर
नई दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण संकट के चलते चीन के इस समस्या से निपटने के प्रयास इन दिनों सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन गुरुवार को चीन की इस छवि को धक्का लगा, जब वहां भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। चीन के पर्यावरण विभाग के प्रमुख चेन तियान ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में चीन ने पर्यावरण की दिशा में अहम सुधार किए हैं। इसके चलते बीजिंग में पक्षियों की आबादी भी बढ़ गई है और कई दुर्लभ पक्षी चीन में देखे जा सकते हैं।