अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करते हुए एक संदिग्ध जहाज पर हमला किया। इस हमले में चार कथित नार्को-आतंकवादी मारे गए। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन सदर्न स्पीयर' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थ गिरोहों पर नकेल कसना है। सेना ने कार्रवाई की वीडियो भी जारी की।
अमेरिकी का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इस बीच अमेरिकी सेना ने बुधवार को पूर्वी प्रशांत महासागर से गुजर रहे एक जहाज पर हमला किया। इस हमले में चार कथित 'नारको-आतंकवादी' मारे गए। यह ऑपरेशन सदर्न स्पीयर का एक हिस्सा है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने इस क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए शुरू किया गया है।
कैसे हुआ हमला?
इसकी जानकारी देते हुए अमेरिकी दक्षिणी कमान (जो लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में अमेरिका की सैन्य गतिविधियों की देखरेख करती है) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए पोस्ट में लिखा '17 दिसंबर को युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के निर्देश पर, संयुक्त टास्क फोर्स सदर्न स्पीयर ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक नामित आतंकवादी संगठन द्वारा संचालित पोत पर घातक सैन्य हमला किया। खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई कि पोत पूर्वी प्रशांत महासागर में एक ज्ञात मादक पदार्थों की तस्करी मार्ग से गुजर रहा था और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। इस हमले में कुल चार पुरुष मादक पदार्थों के तस्कर मारे गए और अमेरिकी सेना का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ।'
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पहले भी हुई है कार्रवाई
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी दक्षिणी कमान ने बताया कि उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नामित आतंकवादी संगठनों द्वारा संचालित तीन जहाजों पर घातक हमले किए, जिसमें आठ कथित नार्को-आतंकवादी मारे गए। इसके अलावा सीएनएन ने अमेरिकी दक्षिणी कमान के एक अलग बयान का हवाला देते हुए बताया कि इस महीने की शुरुआत में, 4 दिसंबर को अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक अन्य संदिग्ध मादक पदार्थों से भरे जहाज पर हमला किया, जिसमें जहाज पर सवार चार लोग मारे गए।
इन हमलों में अब तक 95 लोग मारे गए
अमेरिकी सेना के मुताबिक, अभियान शुरू होने के बाद से अब तक संदिग्ध ड्रग नौकाओं को निशाना बनाकर किए गए हमलों में कम से कम 95 लोग मारे गए हैं। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को सूचित किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका मादक पदार्थों के गिरोहों के साथ 'सशस्त्र संघर्ष' में है, जिसकी शुरुआत 2 सितंबर को पहले हमले से हुई थी।
वेनेजुएला पर बढ़ेगा अमेरिकी दबाव
यह सैन्य अभियान वेनेजुएला पर अमेरिका के व्यापक दबाव का हिस्सा है, जिसमें कैरिबियन सागर में हजारों सैनिकों और एक विमानवाहक पोत की तैनाती के साथ-साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बार-बार चेतावनी देना शामिल है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल परिवहन में मदद करने के आरोपी जहाजी कंपनियों और जहाजों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। बता दें कि यह घटना वेनेजुएला के तट से एक प्रतिबंधित टैंकर को जब्त किए जाने के एक दिन बाद हुई।