एडोब के भारतीय मूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु नारायण
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इन शीर्ष कारोबारियों से मिलने की संभावना
कार्यक्रम से जुड़े दो लोगों ने बताया कि मास्टरकार्ड, एक्सेंचर, कोका-कोला कंपनी, एडोब सिस्टम्स और वीजा सहित अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष 20 व्यापारिक नेताओं के प्रधानमंत्री से निजी तौर पर मिलने की संभावना है। डॉ. मुकेश अघी के नेतृत्व वाला बिजनेस एडवोकेसी ग्रुप, यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) एडोब सिस्टम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शांतनु नारायण; एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट; वीजा इंक के सीईओ रयान मैकइनर्नी, मास्टरकार्ड के सीईओ माइकल मिबैक; कोका कोला के सीईओ जेम्स क्विंसी सहित कुछ महत्वपूर्ण नामों के साथ बैठक की सुविधा प्रदान करेगा।
जॉन एफ.केनेडी सेंटर में होगी बैठक
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बैठक में दिखेंगे आईटी, टेलीकॉम समेत कई क्षेत्रों के दिग्गज उद्योगपति
इस बैठक में आईटी, टेलीकॉम, एफएमसीजी, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों दिखेंगे। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस में राजकीय रात्रिभोज में भाग लेने और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के निमंत्रण पर काहिरा की आधिकारिक यात्रा पर जाने से पहले होगी। इस कार्यक्रम में न केवल उद्योगपतियों बल्कि बाइडन प्रशासन के कुछ शीर्ष अधिकारियों का भी जमावड़ा होगा। केनेडी सेंटर कार्यक्रम के लिए 1,500 से अधिक निमंत्रण भेजे गए हैं, जिसमें कुछ शीर्ष सीईओ और व्यापारिक नेता शामिल हैं। बाइडन प्रशासन के कई अधिकारियों को भी निमंत्रण भेजा जा रहा है।
यूके-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के चेयरमैन मुकेश अघी
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भारत और अमेरिका के बीच मजबूत और गहरे हो रहे संबंध: मुकेश अघी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे पर संदेह से उबर रहे हैं। मुकेश अघी ने कहा कि वे भारत और अमेरिका के बीच बहुत अधिक मजबूत, गहरे और व्यापक संबंध देख रहे हैं। अघी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वतंत्र रुख अपना रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत भी अमेरिका के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र में पीएम मोदी के संबोधन को भी याद किया।
'अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम बढ़ा रहा भारत..'
पिछले कुछ वर्षों में भारत-अमेरिका संबंधों में आए बदलाव के संबंध में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'ठीक है, जब प्रधानमंत्री ने पहली बार कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के संयुक्त सत्र में बात की, तो उन्होंने कहा कि हमें इतिहास की हिचकिचाहट को दूर करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि हम जो देख रहे हैं वह यह है कि दोनों पक्ष करीब आ रहे हैं, एक-दूसरे के संदेह पर काबू पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, भारत में 1988 में प्रतिबंध थे और भारत उन प्रौद्योगिकियों को नहीं ला सका। अब हम देख रहे है कि कई प्रौद्योगिकियां भारत में जा रही हैं। हम देख रहे हैं कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम बढ़ा रहा है, एक स्वतंत्र रुख अपना रहा है। यह अमेरिका की स्थिति का भी समर्थन करता है। इसलिए, मुझे लगता है कि हम एक अधिक ठोस, गहरे और व्यापक संबंध देख रहे हैं।