संघर्ष प्रभावित अफगानिस्तान में लगातार तीसरे दिन गुरुवार को देश के दक्षिणी हिस्से में तालिबान के कार बम हमले में दहले एक अस्पताल में 20 लोग मारे गए। वहीं, पूर्वी हिस्से में एक ड्रोन हमले में नौ अन्य मारे गए। हिंसा में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तालिबान के साथ बातचीत रद्द कर दी है। देश में राष्ट्रपति चुनाव भी होने वाले हैं।
आतंकवादियों ने इस महीने की शुरुआत में ट्रंप द्वारा बातचीत को खत्म किए जाने के बाद लगातार लड़ाई की बात कही थी। उन्होंने 28 सितंबर को होने वाले चुनाव में नुकसान पहुंचाने की भी बात कही थी। अफगानिस्तान में 2001 में कट्टरपंथी इस्लामी समूह के सत्ता से बाहर होने के बाद से यह चौथे राष्ट्रपति चुनाव हैं।
गुरुवार के सुबह यह दर्दनाक हिंसा हुई। तालिबान ने दक्षिणी शहर कलत के एक अस्पताल को कार बम के जरिए उड़ा दिया। विस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गए और 90 लोग घायल हो गए। कुछ घंटे बाद पूर्वी नांगरहार प्रांत में एक ड्रोन हमले की खबरें सामने आईं जिसमें नौ नागरिकों के मारे जाने की खबर है।
अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में केवल अमेरिका ऐसा सदस्य है जो विवाद के समय हवाई समर्थन प्रदान करता है लेकिन अफगानिस्तान, अमेरिका या नाटो में उसके बलों की तरफ से तत्काल कोई बयान नहीं आया है। कुछ घंटे पहले ही नांगरहार की राजधानी जलालाबाद में एक सरकारी इमारत में आत्मघाती हमले में चार लोग मारे गए थे।