कनाडा, ब्रिटेन और अन्य जगहों पर भारतीय राजनयिकों को धमकी देने वाले पोस्टरों और खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियों पर विदेश मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कनाड़ा को चेतावनी दी है। दूसरी ओर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत के दावे से किनारा किया है। ट्रूडो ने एक प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि कनाडा ने हमेशा आतंक के खिलाफ कार्रवाई की है और हम आगे भी करते रहेंगे। उनकी यह टिप्पणी भारत द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में कनाडाई दूत को तलब करने और कनाडा में खालिस्तान समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों पर डिमार्शे जारी करने के कुछ दिनों बाद आई है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कनाडा को सुनाई थी खरी-खरी
दरअसल, बीते महीने जून में ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39वीं बरसी के मौके पर कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों ने एक परेड निकाली थी। उसमें इंदिरा गाधी की हत्या से संबंधित एक झांकी भी थी। इसे लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीधे तौर पर इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा था कि कनाडा में भारत विरोधी तत्वों को जगह देना द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ स्वयं के लिए भी अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इसमें एक बड़ा मुद्दा शामिल है। हमें वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना होगा। वोट बैंक ही बड़ा मुद्दा है नहीं तो कोई ऐसा क्यों करेगा? यह भारत और कनाडा के रिश्तों के लिए ठीक नहीं है।
अब ट्रूडो ने दी यह प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि कनाडा ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की है। वह ऐसा करना जारी रखेगा। यह मानना गलत है कि उनकी सरकार खालिस्तान समर्थकों और देश में आतंकवादियों के प्रति नरम है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री से जब यह पूछा गया कि कनाडा में इंदिरा गांधी की हत्या को दिखाती झांकी और भारतीय को मारने की अपील वाले पोस्टर लगाए जाते हैं। ऐसे में भारत सरकार का यह कहना है कि वोट बैंक की राजनीति के कारण आप सिख चरमपंथी पर नरम रुख अपनाते हैं? ऐसे में आप कैसे कहेंगे कि वो गलत हैं?
इसका जवाब देते हुए ट्रडो ने कहा, 'वे गलत हैं। कनाडा ने हमेशा हिंसा और हिंसा की धमकियों को बेहद गंभीरता से लिया है। हमने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की है और हम हमेशा करेंगे। हमारा देश विवधताओं का देश है। यहां का संविधान अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित करता है, लेकिन हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि हम सभी तरह के हिंसा और उग्रवाद को नियंत्रित कर सकें।'
ट्रूडो के बयान पर भारत ने दिखाया सख्त रुख
कनाडाई पीएम के इस बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कांफ्रेस करके कहा कि ये मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं बल्कि आतंकवाद का है। मंत्रालय साफ शब्दों में कहा कि भारतीय राजनयिकों, मिशन के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले पोस्टर अस्वीकार्य हैं। हमारी सरकार के लिए भारतीय राजनयिकों, मिशन की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे राजनयिक, दूतावास और वाणिज्य दूतावास के खिलाफ हिंसा और धमकी दी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि हमने पीएम ट्रूडो की टिप्पणियों के बारे में मीडिया रिपोर्टें देखी हैं। मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, बल्कि हिंसा की वकालत करने, अलगाववाद का प्रचार करने और आतंकवाद को वैध बनाने के लिए इसके दुरुपयोग का है।