अफ्रीका के शीर्ष फुटबॉल टूर्नामेंट के एक मैच में स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 38 घायल हो गए हैं। इससे उपमहाद्वीप के सबसे बड़े खेल आयोजन की मेजबानी की कैमरून की क्षमता पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है । यह भगदड़ अंतिम 16 मैच में मेजबान कैमरून और कोमोरोस के बीच खेल देखने के लिए दर्शकों द्वारा ओलम्बे स्टेडियम में घुसने के दौरान हुई।
बताया गया कि भीड़ ने स्टेडियम के दक्षिणी प्रवेश द्वार से प्रवेश करने की कोशिश की, इसी दौरान वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने बताया कि मेसासी अस्पताल के बाहर दो प्रशंसकों को मृत घोषित करने के बाद मृतक संख्या बढ़ गई। घायलों को शुरू में पुलिस और लोगों की मदद से अस्पताल में पहुंचाया गया लेकिन जल्द ही बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह इतने घायलों को एक साथ नहीं संभाल सकता है।
संचार मंत्री रेन सादी ने कहा कि घायलों का अब चार अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि 38 घायलों में से 31 को इस भगदड़ में हल्की से मध्यम स्तर की चोटें आई हैं। इस भगदड़ की चपेट में बच्चे भी आए। आरोप है कि स्टेडियम के कर्मचारियों ने दरवाजा बंद करके लोगों को भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जिसके बाद भगदड़ मच गई।
80 फीसदी को ही दी थी एंट्री
ओलम्बे स्टेडियम की क्षमता 60,000 दर्शकों की है लेकिन कोरोना महामारी के कारण 80 प्रतिशत को ही प्रवेश दिया जा रहा है जबकि फुटबॉल अधिकारियों के अनुसार करीब 50,000 लोगों ने स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश की, इस कारण यह हादसा हुआ। भगदड़ के बाद लोग स्टेडियम के प्रवेश द्वार के बाहर पीठ के बल अचेत पड़े थे। उनके जूते, टोपियां और रंग बिरंगी विग यत्र-तत्र बिखरी पड़ी थीं।
आयोजन पर सवालिया निशान
कैमरून पिछले 50 साल में पहली बार अफ्रीकी कप की मेजबानी कर रहा है । उसे 2019 में ही इसकी मेजबानी करनी थी लेकिन उसकी तैयारियों को लेकर आशंकाओं के चलते मिस्र को मेजबानी सौंपी गई थी। अब एक बार फिर कैमरून में फुटबॉल आयोजन पर सवालिया निशान लगे हैं। इससे पहले रविवार को याओंडे के एक नाइटक्लब में सिलसिलेवार विस्फोट के बाद आग लगने से कम से कम 17 लोग मारे गए थे।