इथियोपिया में दबदबा
इतना ही नहीं मोहम्मद हुसैन अल अमौदी
इथियोपिया में खासा दखल रखते थे। विकीलीक्स के ज़रिए अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लीक हुए दस्तावेजों के मुताबिक मोहम्मद हुसैन अल अमौदी का नब्बे के दशक में इथियोपिया में इस कदर दबदबा था कि उन्हें कॉफी से लेकर टूरीज्म तक लगभग हर कारोबार में सरकारी संरक्षण हासिल था। सऊदी अरब के मरहूम सुल्तान किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज भी मोहम्मद हुसैन अल अमौदी के खासे मुरीद थे। दरअसल, इथियोपिया में मोहम्मद हुसैन अल अमौदी का एक बड़ा एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट चल रहा था और जिससे सऊदी अरब को चावल की सप्लाई की गारंटी मिली हुई थी।
सऊदी अरब में मोहम्मद हुसैन अल अमौदी की गिरफ्तारी की प्रतिक्रिया इथियोपिया में भी हुई। सत्तारूढ़ पार्टी ने इसे एक नुकसान बताया था तो वहां की विपक्षी पार्टी ने उनके हिरासत में लिए जाने पर असंतोष जाहिर किया था। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल के विजिटिंग प्रोफेसर हिनुक गबीसा कहते हैं कि इथियोपिया में मोहम्मद हुसैन अल अमौदी की मौजूदगी या गैरहाजिरी से बहुत फर्क पड़ता है। प्रिंस अल वलीद बिन तलाल की तरह ही मोहम्मद हुसैन अल अमौदी भी क्लिंटन फाउंडेशन को लाखों डॉलर चंदा देते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन मोहम्मद हुसैन अल अमौदी के प्राइवेट जेट से साल 2011 में इथोपिया का दौरा कर चुके हैं। इसे लेकर
अमेरिका में बहस भी छिड़ी थी। पहला मौका नहीं था जब मोहम्मद हुसैन अल अमौदी को लेकर अमेरिका में विवाद हुआ था। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के तीन साल बाद मोहम्मद हुसैन अल अमौदी पर चरमपंथी गतिविधियों के लिए पैसा मुहैया कराने का आरोप लगा था।