ब्रिटेन की अलग-अलग गुरुद्वारा कमेटियों और सिख संगठनों के एक वफद ने विवादित प्रचारक रंजीत सिंह ढढरियांवाले के विरुद्ध श्री अकाल तख्त साहिब को शिकायत भेजी है। जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निजी सचिव जसपाल सिंह को ज्ञापन सौंप कर संगठनों ने ढढरियांवाले के विरुद्ध पंथक मर्यादाओं और परंपराओं के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। इस वफद में मोहिंदर सिंह बर्मिंघम, जसविंदर सिंह यूके और गुरवाक सिंह शामिल थे।
वफद से ज्ञापन लेने के बाद जसपाल सिंह ने कहा कि ढढरियांवाले के विरुद्ध मिली शिकायत जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के विचार के लिए उनके समक्ष रखी जाएगी। ढढरियांवाले के विरुद्ध जत्थेदार द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद ही जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह पांच सिंह साहिब की बैठक में इस पर अंतिम फैसला करेंगे।
इस अवसर पर प्रो. सरचांद सिंह ने कहा कि यूके की संगत द्वारा किया गया फैसला प्रशंसनीय है। गुरमति के विपरीत प्रचार कर रहे ढढरियांवाले के विरुद्ध देश-विदेश में रोष है। विदेशों में ढढरियांवाले का विरोध बढ़ रहा है। सिख काउंसिल ऑफ यूके के महासचिव जतिंदर सिंह और प्रवक्ता सुखजीत सिंह द्वारा जत्थेदार को भेजे गए ज्ञापन के साथ इंग्लैंड में बसे कई सिखों के हस्ताक्षर हैं।
21 दिसंबर को बर्मिंघम स्थित गुरुद्वारा हरी राय साहिब में बुलाई गई एक पंथक बैठक में विचार के बाद प्रस्ताव पारित किए गए थे। इन प्रस्तावों में ढढरियांवाले द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और पंथ में फूट पैदा करने वाले प्रचार को देखते हुए उन पर पंथक मर्यादाओं के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
यूके की संगत ने एक प्रस्ताव पारित कर ढढरियांवाले पर इंग्लैंड में किसी भी शहर में प्रचार करने पर भी पाबंदी लगाने व विदेशों की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को इनका बायकाट करने की अपील की। साथ ही एक प्रस्ताव पारित कर फैसला किया है कि जब तक ढढरियांवाले के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा कोई अंतिम फैसला नहीं किया जाता तब तक उनके साथ कोई भी निजी संबंध नहीं रखा जाएगा। ढढरियांवाले का कोई भी कार्यक्रम इंग्लैंड में नहीं होने दिया जाएगा।