ब्रिटेन में नए कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के लिए मतदान प्रक्रिया औपचारिक रूप से सोमवार से टोरी सदस्यों को डाक मतपत्रों भेजने के साथ शुरू हो गई। ऋषि सुनक ने पीएम पद के लिए चुने जाने पर कुछ वर्षों में आयकर की मूल दर में 20 प्रतिशत की कटौती करने की कसम खाई। जनमत सर्वेक्षणों और सट्टेबाजों की नजर में अपनी प्रतिद्वंद्वी लिज ट्रस से पीछे चल रहे 42 वर्षीय पूर्व चांसलर सुनक ने कहा कि उनके बड़े फैसले का मतलब 30 वर्षों में आयकर में सबसे बड़ी 20 प्रतिशत की कटौती होगा।
चुनाव प्रचार में कर कटौती प्रमुख मुद्दा बन गया है और जहां ट्रस ने पहले दिन से कटौती करने का वादा किया है, वहीं सुनक ने बढ़ती मुद्रास्फीति को रोकने के लिए अधिक संतुलित दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने की बात की है। सुनक ने कहा कि आज मैं जो कुछ लोगों के सामने रख रहा हूं, वह (पूर्व टोरी प्रधानमंत्री) मार्गरेट थैचर की सरकार के बाद से सबसे बड़ी आयकर कटौती देने की योजना है। यह एक सख्त नजरिया है, लेकिन यह एक यथार्थवादी भी है और कुछ मूल सिद्धांत हैं जिनसे मैं समझौता करने के लिए तैयार नहीं हूं, चाहे इसके बदले मुझे कुछ भी मिले।
चूंकि आगे क्या है, इस बारे में लोगों के साथ बात किए बिना इस उम्मीदवारी को जीतना न केवल बेईमानी होगी, यह खुद को नुकसान पहुंचाने दैसा काम होगा जो हमारी पार्टी को अगले आम चुनाव में हरा सकता है और हमें लंबे समय तक विपक्ष में रख सकता है। उनकी अभियान टीम ने कहा कि अगर 5 सितंबर को टोरी नेता और ब्रिटिश प्रधानमंत्री तौर पर सुनक चुने जाते हैं, तो मुद्रास्फीति से निपटना होगा बड़ी चुनौती होगा। उनके पास उत्पादकता में सुधार के लिए नियंत्रण में उधार लेने और आपूर्ति पक्ष सुधार को लागू करने की सही योजना है। एक बार मुद्रास्फीति को मात देने के बाद सुनक का टैक्स विजन मेहनती परिवारों की जेब में पैसा वापस करने के लिए काम को पुप्राथमिकता देना होगा।