फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rishi Sunak: ब्रिटिश पीएम पद के दावेदार ऋषि सुनक हुए शर्मसार, कैंपेन की गलत स्पेलिंग पर आए निशाने पर, जानिए क्या दिया जवाब

Sat, 16 Jul 2022 10:19 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी बोरिस जॉनसन की जगह नए पीएम का चुनाव करने जा रही है। इस पद की रेस में ऋषि सुनक भी आगे हैं।

विज्ञापन
अपने प्रचार बैनर पर गलत स्पेलिंग लिखे जाने से शर्मिंदा हुए सुनक - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन के पीएम पद की दौड़ में आगे चल रहे भारतवंशी ऋषि सुनक को पहली टेलीविजन बहस में ही शर्मसार होना पड़ा। दरअसल, वे जिस जगह बैठे थे, उसके पीछे लगे उनके चुनाव प्रचार के कैंपेन का बैनर लगा था। उस बैनर पर कैंपेन की स्पेलिंग गलत लिखी थी। जैसे ही सोशल मीडिया पर यह डिबेट लाइव देख रहे यूजरों की नजरें उस पर पड़ी तो उन्होंने सुनक का ध्यान इस गलती की ओर दिलाया। इस पर सुनक को शर्मिंदा होना पड़ा। 

विज्ञापन


ब्रिटेन में कंजरवेटिव पार्टी बोरिस जॉनसन की जगह नए पीएम का चुनाव करने जा रही है। इस पद की रेस में ऋषि सुनक भी आगे हैं। हालांकि, अंतिम इस प्रक्रिया के पूरी होने में अभी देर है। सुनक भारत की अग्रणी सॉफ्टेवयर कंपनी इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं। 

campiagn v/s campaign
जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री रहे सुनक ने गत दिवस पहली टीवी बहस में हिस्सा लिया था, लेकिन इसी में ट्रोल हो गए। उनकी बहस को ट्विटर पर लाइव देख रहे लोगों की नजर उनके पीछे लगे बैनर पर पड़ी तो उन्होंने कैंपेन की गलत स्पेलिंग को मुद्दा बनाकर कमेंट करना शुरू कर दिया। बैनर पर क्यूआर कोड के नीचे लिखी कैंपेन शब्द की अंग्रेजी की गलत स्पेलिंग 'campiagn' लिखी थी, जबकि सही स्पेलिंग campaign हैं। 
विज्ञापन


'रेडी फॉर ऋषि' को 'रेडी फॉर स्पेलचेक' का रूप दिया
जैसे ही उनका ध्यान इस गलती और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा इसे लेकर छींटाकशी किए जाने की ओर गया तो सुनक को शर्मिंदा होना पड़ा। हालांकि, उन्होंने तुरंत बात को संभाला और रोचक ढंग से अपने नारे 'रेडी फॉर ऋषि' को 'रेडी फॉर स्पेलचेक' का भी रूप दे दिया। 

ऋषि सुनक को इससे पहले भी भारी आलोचना का शिकार होना पड़ा है। कोरोना महामारी के दौरान ब्रिटेन में लगाए गए करों को लेकर और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति को लेकर भी वे निशाने पर रहे हैं। अक्षता पर कर चोरी का आरोप है। वह इंफोसिस में अपनी हिस्सेदारी के दम पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ से भी ज्यादा अमीर मानी जाती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें