एलन मस्क को ब्रिटिश संसद की समिति ने बुधवार को बुलावा भेजा है। उन्हें संसद को बताना होगा कि वे ट्विटर को कैसे चलाएंगे और क्या बदलाव करेंगे। समिति ब्रिटेन में ऑनलाइन सुरक्षा के कानून के ड्राफ्ट का मूल्यांकन कर रही है। समिति के मुताबिक, मस्क ने सभी ट्विटर यूजर्स को वेरीफाई करने की इच्छा जताई थी, सरकार भी यही सोच रखती है।
इससे फर्जी अकाउंट्स खत्म होंगे। इसी समिति ने 2018 में फेसबुक (अब मेटा) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को भी बुलाया था। तब फेसबुक पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोपों से घबराए जुकरबर्ग ने आने से इनकार कर दिया था। संसद के बुलावे पर मस्क ने ईमेल किया कि ‘फिलहाल कोई जवाब देना जल्दबाजी होगी। बुलावा मेरे लिए सम्मान की बात है लेकिन अभी ट्विटर की खरीद शुरुआत चरण में है। शेयरधारकों की वोटिंग भी बाकी है।’
मेटा के बाजार पर प्रभाव को नियंत्रित करेगी जर्मन सरकार
प्रतिस्पर्धा की स्वतंत्रता के लिए जर्मन सरकार के कार्टल ऑफिस ने बुधवार को कहा कि मेटा प्लेटफॉर्म पूरे बाजार की प्रतियोगिता पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। उसे प्रभावशाली कंपनी करार देकर एजेंसी सख्ती के दायरे में ले आई है। वह बाजार पर मेटा के प्रभुत्व को नियंत्रित कर पाएगी। तीन प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम मेटा के अधीन हैं। इनसे कंपनी सोशल मीडिया के विज्ञापनों पर प्रभुत्व बनाए रखती है।
मेटा बोली, हर कानून मानेंगे
सख्ती से डरी मेटा ने सभी कानून मानने की बात कही। उसके प्रवक्ता ने कहा कि कार्टल ऑफिस के निष्कर्षों से कंपनी सहमत नहीं है, लेकिन सभी सेवाएं जारी रखेगी।