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UK: ब्रिटेन की संसद में कश्मीरी हिन्दुओं को न्याय देने के लिए प्रस्ताव पेश, घाटी में नरसंहार के हो गए 35 साल

Sat, 18 Jan 2025 10:55 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

पूरी दुनिया में कश्मीरी हिंदू 19 जनवरी को 'महाविनाश दिवस' के रूप में मनाते हैं। यह वही दिन है, जब 1990 में कश्मीर घाटी में आतंकवादियों ने कश्मीरी हिंदुओं पर जानलेवा हमला किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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19 जनवरी 1990 में कश्मीर घाटी में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार की 35वीं बरसी पर ब्रिटेन की संसद में एक प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें कश्मीरी हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा और उनके न्याय की बात उठाई गई। ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने हाउस ऑफ कॉमन्स में एक अर्ली डे मोशन (ईडीएम) पेश किया। यह प्रस्ताव हाउस ऑफ कॉमन्स में बहस के लिए प्रस्तुत किया गया था और, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कश्मीरी हिंदुओं के दर्द और संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाए।

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अर्ली डे मोशन में सांसद ने कहा, यह सदन जनवरी 1990 में कश्मीरी हिंदुओं पर हुए हमलों की 35वीं बरसी को गहरे शोक और निराशा के साथ मनाता है। हम उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जो इस हिंसा का शिकार हुए। इस प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि कश्मीरी हिंदुओं को इस हिंसा के बाद विस्थापन और पीड़ा का सामना करना पड़ा, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। संसद में पेश किए गए प्रस्ताव में यह भी व्यक्त किया गया कि, हम उन आतंकवादी हमलों को प्रायोजित करने वालों की कड़ी निंदा करते हैं, जिन्होंने कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बनाया। हम जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं की लगातार हत्याओं की भी निंदा करते हैं। यह प्रस्ताव कश्मीरी हिंदुओं की पीड़ा और उनके अधिकारों के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
 
19 जनवरी को 'महाविनाश दिवस' के रूप में मनाया जाता है
बता दें कि पूरी दुनिया में कश्मीरी हिंदू 19 जनवरी को 'महाविनाश दिवस' के रूप में मनाते हैं। यह वही दिन है, जब 1990 में कश्मीर घाटी में आतंकवादियों ने कश्मीरी हिंदुओं पर जानलेवा हमला किया था। पाकिस्तान से प्रायोजित आतंकियों ने स्थानीय आतंकवादी संगठनों की मदद से कश्मीरी हिंदुओं को उनके घरों से उखाड़ फेंका, उनका दमन किया और उनके धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व को नष्ट कर दिया था।

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