Turmeric: ब्रिटिश जर्नल के शोध में दावा- बदहजमी की दवा जितनी असरदार हो सकती है हल्दी, जानें अध्ययन में और क्या
Turmeric: ब्रिटिश जर्नल के शोध में दावा- बदहजमी की दवा जितनी असरदार हो सकती है हल्दी, जानें अध्ययन में और क्या
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 12 Sep 2023 08:30 PM IST
सार
Turmeric: दवाओं से जुड़े शोध प्रकाशित करने वाले जर्नल बीएमजे में हल्दी को लेकर एक शोध प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में कहा गया है कि हल्दी बदहजमी या अपच के लिए दवा जितनी ही असरदार हो सकती है।
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : AMAR UJALA
हमारे घरों में एक ओर जहां मसाले के रूप में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं घाव को ठीक करने के लिए भी इसका उपयोग वर्षों से होता आया है। इस बीच एक अध्ययन में कहा गया है कि हल्दी बदहजमी या अपच के लिए दवा जितनी ही असरदार हो सकती है। शोध के मुताबिक इसमें पाया जाने वाला प्राकृतिक यौगिक ओमेप्राजोल की तरह ही पेट के अतिरिक्त एसिड को प्रभावी ढंग से कम कर सकता है।
आइये जानते हैं हल्दी के बारे में क्या अध्ययन हुआ है? शोध की कार्यप्रणाली क्या थी? इसमें क्या कहा गया है? हल्दी में कौन सा गुण पाया जाता है? शोध का निष्कर्ष क्या है?
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : AMAR UJALA
हमारे घरों में एक ओर जहां मसाले के रूप में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं घाव को ठीक करने के लिए भी इसका उपयोग वर्षों से होता आया है। इस बीच एक अध्ययन में कहा गया है कि हल्दी बदहजमी या अपच के लिए दवा जितनी ही असरदार हो सकती है। शोध के मुताबिक इसमें पाया जाने वाला प्राकृतिक यौगिक ओमेप्राजोल की तरह ही पेट के अतिरिक्त एसिड को प्रभावी ढंग से कम कर सकता है।
आइये जानते हैं हल्दी के बारे में क्या अध्ययन हुआ है? शोध की कार्यप्रणाली क्या थी? इसमें क्या कहा गया है? हल्दी में कौन सा गुण पाया जाता है? शोध का निष्कर्ष क्या है?
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Istock
हल्दी के बारे में क्या अध्ययन हुआ है?
दवाओं से जुड़े शोध प्रकाशित करने वाले जर्नल बीएमजे में हल्दी को लेकर एक शोध प्रकाशित हुआ है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल या बीएमजे साक्ष्य आधारित चिकित्सा शोध और राय प्रकाशित करता है। यह एक मेडिकल जर्नल है, जो ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन (बीएमए) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। हाल ही में जर्नल ने अपच के लिए करक्यूमिन के इस्तेमाल पर एक शोध प्रकाशित किया है। दरअसल, करक्यूमिन हल्दी में पाए जाने वाला कुदरती घटक है जिसका दक्षिण पूर्व एशिया में अपच के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि, अभी भी कई देशों में हल्दी को लेकर निश्चितता नहीं है।
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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शोध की कार्यप्रणाली क्या थी?
हल्दी पर अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने एक क्लिनिकल टेस्ट किया। इसमें शोधकर्ताओं ने 18 से 70 वर्ष की आयु के 206 रोगियों का अध्ययन किया, जिनका बार-बार पेट खराब होता था। उन्हें 2019 और 2021 के बीच थाईलैंड के अस्पतालों से भर्ती किया गया था और 28 दिनों के लिए तीन उपचार समूहों में से रैंडम सौंपा गया था।
एक समूह को हल्दी और एक छोटा डमी कैप्सूल दिया गया। वहीं दूसरे को ओमेप्राजोल जबकि तीसरे को हल्दी प्लस ओमेप्राजोल दिया गया। ओमेप्राजोल एक प्रोटॉन पंप अवरोधक (पीपीआई) है, जिसका उपयोग अपच के इलाज के लिए किया जाता है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि पीपीआई के लंबे समय तक उपयोग को फ्रैक्चर जोखिम, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और संक्रमण के बढ़ते जोखिम से जोड़ा गया है।
परीक्षण की शुरुआत में सभी तीन समूहों के मरीजों की स्थिति समान थी। मरीजों का 28 दिनों के बाद और फिर 56 दिनों के बाद दोबारा मूल्यांकन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि मरीजों के लिए कर्क्यूमिन सुरक्षित था और तीनों समूहों के रोगियों के लक्षणों में बराबर सुधार हुआ।
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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इसमें क्या कहा गया है?
शोध में कहा गया कि वैज्ञानिक रूप से कर्कुमा लोंगा एल. के रूप में जानी जाने वाली हल्दी का व्यापक उपयोग का एक लंबा इतिहास है। इस पौधे में एक मूल्यवान सक्रिय यौगिक करक्यूमिन होता है जिसका औषधीय उपयोग किया जाता है।
वहीं, करक्यूमिन आमतौर पर पौष्टिक क्रीम और सौंदर्य प्रसाधनों में पाया जाता है। यह पाउडर कैप्सूल के रूप में भी उपलब्ध है, जिसका उपयोग अपच सहित कई पेट और आंतों से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। कोक्रेन रिव्यू के हालिया निष्कर्षों से पता चला है कि करक्यूमिन प्लेसबो (कोई भी उपचार जिसमें कोई सक्रिय गुण न हो) की तुलना में अपच के लक्षणों में मध्यम सुधार कर सकता है। वर्तमान में पारंपरिक दवाओं के साथ करक्यूमिन की प्रभावकारिता की तुलना करने वाले प्रत्यक्ष प्रमाणों की कमी है।
शोध में यह भी कहा गया कि थाई आबादी और थाईलैंड के आसपास रहने वाले व्यक्ति हल्दी का उपयोग अक्सर अपच जैसे लक्षणों को कम करने के लिए करते हैं। हालांकि, पारंपरिक चिकित्सक इस हर्बल दवा को अपच के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में मानने से झिझकते रहे हैं। इसका मुख्य कारण पीपीआई के साथ करक्यूमिन की प्रभावशीलता और दुष्प्रभावों की तुलना करने वाले शोध की कमी है।
हल्दी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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शोध का निष्कर्ष क्या है?
शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष में कहा कि परीक्षण अपच के उपचार के लिए अत्यधिक विश्वसनीय सबूत प्रदान करता है। साथ ही यह भी कहा कि हमारे अध्ययन के नए निष्कर्ष करक्यूमिन के इस्तेमाल पर विचार करने को उचित ठहरा सकते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं ने अध्ययन के छोटे आकार के साथ-साथ कई अन्य खामियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि और बड़े दीर्घकालिक अध्ययन की जरूरत है।