फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Houthi Attack: एक सप्ताह पहले जिस ब्रिटिश जहाज को हूतियों ने बनाया था निशाना, वह अब लाल सागर में डूबा

Wed, 19 Jun 2024 08:13 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

गाजा में हो रहे इस्राइल हमलों से मध्यपूर्व बौखलाया हुआ है। मध्यपूर्व गाजा में हो रहे हमलों का कारण अमेरिका को मानता है। इसी वजह से हूती विद्रोही पिछले साल नवंबर से अदन की खाड़ी और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
विज्ञापन
बाज नहीं आर रहे हूती - फोटो : एएनआई (सांकेतिक तस्वीर)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद यमन के हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश खुले शब्दों में चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन हूती अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। हाल ही में विद्रोहियों ने एक ब्रिटिश मालवाहक जहाज ट्यूटर को निशाना बनाया था, जो अब डूब गया है। माना जाता है कि हमले में जहाज पर एक नाविक की मौत हो गई थी। 

विज्ञापन


अधिकारियों ने यह जानकारी बुधवार को दी। उन्होंने बताया कि हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे हमले में यह दूसरा ऐसा जहाज है, जो पानी में डूब गया। 

लाल सागर में डूबा
ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO)  ने क्षेत्र में नाविकों को चेतावनी देते हुए कहा कि ट्यूटर लाल सागर में डूब गया। यूकेएमटीओ ने आगे कहा कि सैन्य अधिकारियों ने अंतिम रिपोर्ट किए गए स्थान पर समुद्री मलबे और तेल देखे जाने की सूचना दी है। ऐसा माना जा रहा कि जहाज डूब गया है। 
विज्ञापन


चालक दल का एक सदस्य मारा गया
हूतियों ने फिलहाल इस घटना को स्वीकार नहीं किया है। बता दें, ट्यूटर पर एक सप्ताह पहले लाल सागर में बम ले जाने वाली हूती ड्रोन नाव ने हमला किया था। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को कहा कि हमले में चालक दल का एक सदस्य मारा गया, जो फिलीपीन का रहने वाला था।

इसलिए कर रहे हमले
बता दें, गाजा में हो रहे इस्राइल हमलों से मध्यपूर्व बौखलाया हुआ है। मध्यपूर्व गाजा में हो रहे हमलों का कारण अमेरिका को मानता है। इसी वजह से हूती विद्रोही पिछले साल नवंबर से अदन की खाड़ी और लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। साथ ही कभी ईरान तो कभी जॉर्डन को कभी सीरिया में अमेरिकी सेना और अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले हो रहे हैं। हालांकि, इससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में मुश्किलें पैदा हुई हैं। 
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें