अमेरिका ने स्वतंत्र पत्रकार और महिला अधिकार कार्यकर्ता हुआंग ज़ुएकिन (सोफिया हुआंग) के साथ ही श्रम अधिकार कार्यकर्ता वांग जियानबिंग को गलत तरीके से सजा देने पर चीन आलोचना की है। साथ ही चीन से दोनों ही कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की अपील की है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक बयान में कहा, "हम पीआरसी से हुआंग और वांग के साथ-साथ उनकी मौलिक स्वतंत्रता का प्रयोग करने के लिए अन्यायपूर्ण तरीके से हिरासत में लिए गए अन्य व्यक्तियों को तुरंत रिहा करने का आग्रह करते हैं।"
मैथ्यू ने आगे कहा कि चीन की इस तरह की बातें नागरिकों को डराने और चुप कराने के लगातार प्रयासों को दिखाता है।
इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन से अभिव्यक्ति और निष्पक्ष न्याय जैसी स्वतंत्रता सहित मानवाधिकारों का सम्मान करने के अपने वादों को कायम रखने का आग्रह किया।
मीटू आंदोलन में लिया था हिस्सा
हुआंग ने चीन में #MeToo आंदोलन के दौरान यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट करने के लिए पीड़ितों का एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया था। वॉयस ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने उन सर्वेक्षणों को साझा किया जिनमें कहा गया था कि विश्वविद्यालयों और कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न एक चिंता का विषय था।
हुआंग को 2019 में हांगकांग में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया था। वहीं वांग की बात करें तो वॉयस ऑफ अमेरिका के अनुसार, वांग 2014 से श्रमिकों के अधिकारों और विकलांग लोगों के लिए वकील रहे हैं।
लबी प्री ट्रायल की हिरासत के बाद सुनाई सजा
चीन की सरकार ने लंबी प्री-ट्रायल हिरासत और पत्रकारों या जनता के लिए बंद एक गुप्त मुकदमे के बाद हुआंग को पांच साल की कैद और वांग को तीन साल और छह महीने की कैद की सजा सुनाई।