ब्रिटेन की एक अदालत ने मादक पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भारतीय मूल के अपराध गिरोह के सरगना को आठ साल 10 महीने के लिए जेल की सजा सुनाई गई है।
यूके की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) ने बताया कि उसके अधिकारियों ने साबित किया है कि दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के सर्रे का रहने वाला 45 वर्षीय राज सिंह एक संगठित अपराध समूह चलाता था और क्लास ए ड्रग्स और हथियारों को खरीदने और बेचने के लिए 41 वर्षीय वकास इकबाल के साथ काम करता था।
दोनों ने मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग कनाडा में केटामाइन भेजने की तैयारी कर रहे थे। गिल्डफोर्ड क्राउन कोर्ट ने फरवरी में सिंह जिसका पूरा नाम राजिंदर सिंह बस्सी है, को क्लास ए की कोकीन, क्लास बी की केटामाइन जैसे प्रतिबंधित पदार्थो की आपूर्ति करने की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में दोषी ठहराया था। उसने अपने खिलाफ एक अन्य आरोप को भी स्वीकार किया है। दरअसल, वह एक पब फाइट में भी शामिल था, इस दौरान उसने एक पुलिस के पैर पर लात भी मारी, जो उसे रोकने की कोशिश कर रही थी। पुलिस अधिकारी को शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए उसे 16 महीनें की सजा सुनाई गई।
वहीं इकबाल को शुक्रवार को दक्षिणी इंग्लैंड की एक ही अदालत में 12 साल की जेल की सजा सुनाई गई। उसने अदालत में क्लास ए ड्रग्स की आयात, प्रतिबंधित हथियार ट्रांसफर करने की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग की बात स्वीकार की थी।
एनसीए के संचालन प्रबंधक डीन वॉलबैंक ने कहा- "इकबाल और सिंह दोनों ही लंदन के भीतर काम करते थे। यूरोप के बीतर और अन्य कई देशों से भी उनके संबंध थे। अन्य डीलरों की तरह इकबाल और सिंह भी समाज को गंभीर स्तर पर नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं। पैसे कमाने की आड़ में उन्होंने इस बात की फिक्र नहीं की कि ड्रग्स और बंदूकों की वजह से कितनों की जान गई। एनसीए की प्राथमिकता एक क्लास वाली ड्रग्स और हथियारों से जनता को बचाना है।"
एनसीए ने दोनों के एंक्रिप्टेड कम्यूनिकेशन प्लेटफॉर्म एक्रोचैट पर क्लास ए ड्रग्स और बंदूके खरीदने और आपूर्ति करने वाले संदेशों को एंक्रिप्टेड करने के बाद उन्हें पकड़ा। वे एंक्रोचैट पर अपने असली नाम का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि यहां वे हैंडल्स के नाम से जाने जाते थे। यहां सिंह सैल्मोनाजेंट के रूप में और इकबाल घोस्टशूटर के रूप में थे।