ब्रिटेन ने लक्ष्य रखा है कि वह साल 2050 तक ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन को शून्य कर देगा। यहां नई सरकार जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए नए नियम लेकर आने वाली है। प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा है, "ये हमारा कर्तव्य है कि जो हमें विरासत में मिला है, हम उसे बेहतर हालत में छोड़ें।"
उन्होंने कहा कि उत्सर्जन को कम करने से ना केवल लोगों का स्वास्थय बेहतर होगा बल्कि उसमें आने वाले खर्च में भी कमी आएगी। बता दें ब्रिटेन ऐसा पहला देश है जिसने इस तरह का लक्ष्य रखा है। इस फैसले की पर्यावरण संरक्षण से जुड़े समूह सराहना कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले के बाद कुछ लोगों का कहना है कि पर्यावरण को बचाने में बहुत देर हो चुकी है और कुछ को डर है कि ये काम नामुमकिन है।
वैसे ब्रिटेन ने पहले से ही 2050 तक उत्सर्जन को 80 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा था। यहां जलवायु परिवर्तन कानून 2008 में सासंदों ने उत्सर्जन कम करने पर हामी भरी थी लेकिन अब इसमें संशोधन किया गया है। इस बार उत्सर्जन को शून्य करने की बात की गई है।
इसका मतलब ये हुआ कि घर, वाहन, खेत और उद्योग से होने वाले उत्सर्जन को बिलकुल खत्म करना होगा। इसके अलावा पौधे लगाने होंगे और कार्बनडाइऑक्साइड गैस को कम करने के लिए भी कदम उठाने होंगे। अगर बाकी देशों ने ब्रिटेन की तरह ही ऐसे कदम उठाए तो हो सकता है कि साल 2100 तक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सके।