ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार ब्रिक्स समिट में शामिल नहीं होंगे। चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के अलावा उनके रूसी समकक्ष पुतिन भी नहीं जाएंगे। हालांकि, पुतिन के बदले रूस के प्रतिनिधि के तौर पर विदेश मंत्री लावारोव मौजूद रहेंगे। जानिए क्या है पूरा मामला
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले महीने की शुरुआत में ब्राजील में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे। हालांकि जिनपिंग के ब्रिक्स में नहीं जाने को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जिनपिंग के ब्राजील दौरे से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शी जिनपिंग इस बार सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे। अगर ऐसा होता है तो पिछले एक दशक में उनकी पहली अनुपस्थिति होगी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक जिनपिंग की जगह चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग इस सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं।
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चीनी विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया
बीजिंग में बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने शी के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि चीन की भागीदारी की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।
रूस के राष्ट्रपति ब्राजील नहीं जाएंगे
इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्राजील में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे। राष्ट्रपति पुतिन वीडियो लिंक के जरिए वर्चुअली इस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बुधवार को इसकी घोषणा की।
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BRICS में कौन से देश शामिल हैं
बता दें कि इस साल 17वां ब्रिक्स सम्मेलन 6-7 जुलाई को ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो में आयोजित किया जाएगा। ब्राज़ील वर्तमान में BRICS समूह का अध्यक्ष है। इस समूह में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हाल ही में इस समूह को विस्तार देकर मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई को भी सदस्य बनाया गया है।
दो साल पहले ICC के वारंट के कारण शामिल नहीं हुए थे पुतिन
बता दें कि साल 2023 में भी पुतिन ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हुए BRICS सम्मेलन में भाग नहीं लिया था। करीब दो साल पहले उनके खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यूक्रेन के अनुरोध पर आईसीसी ने वारंट जारी किया था। बता दें कि ब्राजील भी ICC का सदस्य है और ऐसे में उसे इस वारंट का पालन करना होता।
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