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ब्रेग्जिट: ब्रिटेन के ईयू से अलग होने का विधेयक मंजूर, 31 जनवरी से पहले पार की आखिरी बाधा

Thu, 23 Jan 2020 01:08 AM IST
योगेश साहू एएनआई, अमर उजाला, लंदन
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ब्रेग्जिट
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यूरोपीय संघ (ईयू) से 31 जनवरी को बाहर निकलने की तरफ ब्रिटेन ने बुधवार को तब एक और कदम बढ़ा लिया, जब ब्रसेल्स के साथ उसकी ‘ब्रेग्जिट डील’ को मंजूरी देने वाले विड्रॉल एग्रीमेंट बिल ने संसद में आखिरी चरण भी पार कर लिया।

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हालांकि अभी इस बिल को कानून की शक्ल लेने के लिए महारानी एलिजाबेथ की शाही मंजूरी की आवश्यकता होगी, जिसे महज एक औपचारिकता ही माना जा रहा है। महारानी के सामने संसद से पारित बिल बृहस्पतिवार को पेश किए जाने की संभावना है। 

इससे पहले बुधवार को ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स ने बिल में ऊपरी सदन हाउस ऑफ लार्ड्स की तरफ से शामिल बातों को बदल दिया। इनमें ब्रेग्जिट के बाद बाल शरणार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें ब्रिटेन में उनके परिवारों से मिलवाने का वादा भी शामिल था।
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प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने विड्रॉल एग्रीमेंट बिल में ऐसे किसी भी बदलाव को स्वीकारने से इनकार कर दिया, जो ब्रिटेन के ईयू से अलग होने की राह रोक सकता था। हालांकि विपक्षी सांसदों ने अपनी शर्तों को लेकर कठोर होने की बात कहते हुए उनकी आलोचना भी की।

हाउस ऑफ लार्ड्स इन बदलावों को दोबारा बिल में जोड़ सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं करते हुए बिल को उसकी मंजूरी का आखिरी पायदान पार करने की अनुमति दे दी। 

करीब पांच दशक पुरानी सदस्यता समाप्त होगी
ब्रिटेन साल 1973 में 28 सदस्यीय यूरोपीय यूनियन का सदस्य बना था। ब्रेग्जिट के साथ ब्रिटेन की करीब पांच दशक पुरानी सदस्यता खत्म हो जाएगी। ऐसा करने वाला ब्रिटेन पहला देश होगा। हालांकि, ईयू के नियमों के तहत 31 दिसंबर तक वह कारोबार करेगा। 

क्या है ब्रेग्जिट
ब्रेग्जिट का मतलब है 'ब्रिटेन एग्जिट' यानी ब्रिटेन का यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना। साल 2016 में ब्रिटेन में ब्रेग्जिट को लेकर जनमत संग्रह किया गया था। इसमें 50 फीसदी से ज्यादा लोगों का मानना था कि ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना चाहिए जबकि ब्रेग्जिट के विरोध में राय दी थी।

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कंजरवेटिव पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी

बीते साल ब्रिटेन में हुए आम चुनाव में सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी। बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी को 650 सीटों वाली संसद में 364 सीटें मिली थीं। चुनाव परिणाम के साथ ही ब्रेग्जिट का रास्ता साफ हो गया था। इस चुनाव में एक दर्जन से अधिक भारतवंशी उम्मीदवारों ने भी जीत का परचम लहराया था।

1980 के दशक में मार्गरेट थैचर के दौर के बाद कंजरवेटिव पार्टी की यह सबसे बड़ी जीत रही थी। नतीजों का एलान होने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दो-टूक कहा था कि हम यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन को अलग करने वाले ब्रेग्जिट को 31 जनवरी तक हर हाल में पारित कराएंगे। यानी 31 जनवरी के बाद ब्रिटेन ईयू का हिस्सा नहीं रहेगा।
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