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Brazil: पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो को क्यों हुई 27 साल की जेल, ट्रंप के पसंदीदा नेता किन-किन मामलों में दोषी?

Fri, 12 Sep 2025 07:08 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो पर आरोप क्या हैं और ये कितने गंभीर हैं? बोलसोनारो मौजूदा समय में कहां हैं और उनकी इन आरोपों पर क्या सफाई है? अगर उन्हें दोषी करार दिया जाता है तो ब्राजील में कैसे हालात हो सकते हैं? उनके खिलाफ चल रहा मामला इतना अहम क्यों हो जाता है? आइये जानते हैं...
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पूर्व राष्ट्रपति के मामले में फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के भविष्य का फैस्ला हो गया है। बोलसोनारो के खिलाफ ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट में पांच अलग-अलग आरोपों को लेकर सुनवाई पूरी हुई और ज्यूरी ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को तख्तापलट की कोशिश का दोषी ठहराया है। पांच न्यायाधीशों के पैनल में से चार ने उन्हें पांच मामलों में दोषी पाया है। पैनल ने बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश के आरोप में दोषी ठहराते हुए 27 साल और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है।

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मजेदार बात यह है कि बोलसोनारो के मामले पर सिर्फ ब्राजील के लोगों की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की करीब से नजर थी। इसकी वजह यह है कि पूर्व राष्ट्रपति का अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से काफी अच्छा रिश्ता है। एक समय बोलसोनारो को ब्राजील का ट्रंप तक कहा गया था। इन रिश्तों के एवज में ही ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद ब्राजील की वामपंथी सरकार को न सिर्फ बोलसोनारो के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए धमकियां दी, बल्कि उस पर 50 फीसदी टैरिफ तक लगा दिया। ऐसे में ब्राजील के अंदरूनी मामले में ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद यह केस और दिलचस्प हो गया है।

ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो पर आरोप क्या हैं और ये कितने गंभीर हैं? बोलसोनारो मौजूदा समय में कहां हैं और उनकी इन आरोपों पर क्या सफाई है? आइये जानते हैं...

कौन हैं जेयर बोलसोनारो?

यह पहली बार नहीं है, जब जेयर बोलसोनारो पर शासन और अधिकारियों के खिलाफ जाने के आरोप लगे हैं। इससे पहले अपने सैन्य करियर के दौरान बोलसोनारो पर 1986 में     सेना में कम तनख्वाह का मुद्दा उठाने के लिए एक न्यूज मैगजीन को इंटरव्यू देने का आरोप लगा था, जो कि सैन्य नियमों के खिलाफ था। हालांकि, तब उनके इस कदम की तारीफ हुई थी। 

1987 में बोलसोनारो एक और मामले में घिरे थे। 1986 में बोलसोनारो का इंटरव्यू लेने वाली मैगजीन ने ही खुलासा किया था कि जेयर ने अपने साथियों के साथ मिलकर रियो डी जेनेरो में सैन्य इकाइयों में बम लगाने की साजिश रची थी। मैगजीन ने इससे जुड़े स्केच और साजिश की जानकारी भी प्रकाशित की थी और दावा किया था कि यह सभी स्केच खुद बोलसोनारो ने बनाए थे। 2018 में खुलासा हुआ था कि सैन्य अधिकारियों ने उन्हें एकमत होकर इस मामले में दोषी पाया था। हालांकि, सुप्रीम मिलिट्री कोर्ट में जांच करने वाले अधिकारी ने उन्हें बरी करने पर जोर दिया। आखिरकार अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। इस फैसले के बाद 1989 में बोलसोनारो ब्राजील की राजनीति में उतर गए। 

बोलसोनारो पर क्या हैं आरोप, ये कितने गंभीर?


1. क्या हैं आरोप और किस-किस पर लगे?
जेयर बोलसोनारो पर पांच अपराधों को लेकर केस दायर हुए। इनमें- तख्तापलट की कोशिश, सशस्त्र आपराधिक संगठन के साथ सहयोग, लोकतांत्रिक कानूनी शासन को हिंसक तरीके से हटाने के प्रयास और शासन की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। इनमें से सिर्फ तख्तापलट की साजिश की अधिकतम सजा 12 साल है। 

बोलसोनारो के अलावा इस केस में उनके सात और सहयोगी आरोपी हैं और उनके खिलाफ भी सुनवाई जारी है। इनमें उनके रक्षा मंत्री रहे वॉल्टर ब्रागा नेटो और एक और पूर्व रक्षा मंत्री पाउले सर्जियो नोगुएरा शामिल हैं।

2. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में क्या दीं दलीलें?
अभियोजन पक्ष की दलील है कि ब्राजील में चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद जब यह तय हो गया कि देश में राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो की दक्षिणपंथी सरकार की हार हुई है और अगली सरकार इनेसियो डी लूला के नेतृत्व में वामपंथी दल की बनेगी तो बोलसोनारो के समर्थकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस बीच लूला के शपथग्रहण के करीब एक हफ्ते बाद बोलसोनारो के समर्थकों ने अचानक ही उच्च सरकारी अफसरों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए सरकारी इमारतों पर ही धावा बोल दिया। 

Jair Bolsonaro: नजरबंद रहेंगे पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो, ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

आरोप हैं कि बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति का तख्तापलट करने और देश में सैन्य शासन लागू करने के लिए हिंसक प्रदर्शनों पर उतर आए। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि बोलसोनारो के करीबी सहयोगियों ने राष्ट्रपति लूला के शपथग्रहण से पहले उनकी हत्या की भी साजिश रची थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे यह साबित होता है कि पूर्व राष्ट्रपति ने लूला की हत्या की साजिश को मंजूरी दी थी। 

2. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में क्या दीं दलीलें?
अभियोजन पक्ष की दलील है कि ब्राजील में चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद जब यह तय हो गया कि देश में राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो की दक्षिणपंथी सरकार की हार हुई है और अगली सरकार इनेसियो डी लूला के नेतृत्व में वामपंथी दल की बनेगी तो बोलसोनारो के समर्थकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस बीच लूला के शपथग्रहण के करीब एक हफ्ते बाद बोलसोनारो के समर्थकों ने अचानक ही उच्च सरकारी अफसरों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए सरकारी इमारतों पर ही धावा बोल दिया। 

आरोप हैं कि बोलसोनारो के समर्थक नए राष्ट्रपति का तख्तापलट करने और देश में सैन्य शासन लागू करने के लिए हिंसक प्रदर्शनों पर उतर आए। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि बोलसोनारो के करीबी सहयोगियों ने राष्ट्रपति लूला के शपथग्रहण से पहले उनकी हत्या की भी साजिश रची थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे यह साबित होता है कि पूर्व राष्ट्रपति ने लूला की हत्या की साजिश को मंजूरी दी थी। 

गौरतलब है कि ब्राजील की शीर्ष चुनावी अदालत पहले ही बोलसोनारो को 2030 तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर चुकी है। पूर्व राष्ट्रपति को सत्ता में रहते हुए शक्तियों का दुरुपयोग करने और देश की इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली को कटघरे में खड़ा करने का दोषी पाया गया था। 

अभी कहां हैं बोलसोनारो, अदालत में कब होंगे पेश?
जेयर बोलसोनारो फिलहाल ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में ही एक उच्च-सुरक्षा वाले केंद्र में नजरबंद किए गए हैं। उनके एक वकील का कहना है कि अब तक यह भी साफ नहीं है कि जब सुप्रीम कोर्ट उनके मामले में अंतिम चरण की सुनवाई कर रहा है, तब वह खुद अपना बचाव करने कोर्ट पहुंचेंगे भी या नहीं। 

ब्राजील पुलिस ने उनके पैर पर एक निगरानी उपकरण भी लगाया है और उन पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। दरअसल, हाल ही में खुलासा हुआ था कि बोलसोनारो ब्राजील में हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम देने के बाद से ही अमेरिका या अर्जेंटीना भागने की योजना बना रहे थे। वे इन देशों में राजनीतिक शरण की उम्मीद में थे। दूसरी तरफ बोलसोनारो के वकील इस आरोप का खंडन करते हैं।

जुलाई के बाद से ही बोलसोनारो के विदेशी अफसरों से मिलने, सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने और देश में मौजूद विदेशी दूतावासों में जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

आरोपों पर क्या है पूर्व राष्ट्रपति की सफाई?
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो का कहना है कि उन्होंने कभी भी ब्राजील के लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश नहीं की। हालांकि, उन्होंने यह माना कि उन्होंने 2022 के चुनाव के नतीजों को पलटने के लिए रखी गई कुछ बैठकों में हिस्सा लिया था। इतना ही नहीं बोलसोनारो ने 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में फिर उम्मीदवार बनने का इरादा भी जाहिर किया है। 

ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति को कोर्ट ने दी सजा तो क्या होगा?
ब्राजील के पूर्व-राष्ट्रपति को अगर सुप्रीम कोर्ट में दोषी पाया जाता है तो उन्हें 40 साल से भी ज्यादा की सजा हो सकती है। लेकिन बोलसोनारो को वकीलों का मानना है कि उन्हें इसकी कम सजा हो सकती है। इसकी वजह यह है कि ब्राजील में किसी भी शख्स को अधिकतम 40 साल तक ही जेल में रखे जाने का नियम है।

ब्राजील की राजनीति के लिए कितना अहम है यह केस?
ब्राजील में एक पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ कोर्ट केस को ऐतिहासिक करार दिया जा रहा है। दरअसल, यह लगभग पहली बार है, जब एक उच्च-पदस्थ नेता को तख्तापलट की कोशिश के लिए आपराधिक मामला झेलना पड़ा है। 

इससे पहले ब्राजील में 1964 में सैन्य तख्तापलट के जरिए तब राष्ट्रपति रहे जोवाओ गूलार्ट की लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंका गया था। इस तख्तापलट के पीछे दक्षिणपंथी नेताओं का हाथ माना जाता है। हालांकि, 20 साल बाद 1985 में एक बार फिर ब्राजील में लोकतंत्र की वापसी हुई। 

बता दें कि 1979 में ब्राजील में सैन्य शासन के दौरान एक कानून पारित किया था, जिसके तहत ब्राजील में कभी भी किसी सैन्य अधिकारी (सेवा में हो या सेवानिवृत्त) पर कानून के उल्लंघन के लिए केस नहीं चला। जेयर बोलसोनारो खुद एक सैन्य अफसर रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ अब केस चलना एक बड़ी घटना माना जा रहा है। 

हालांकि, बोलसोनारो और उनके समर्थकों का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सैन्य अफसर पर ब्राजील में केस चलना राजनीतिक उत्पीड़न है। इसके जरिए मौजूदा सरकार अगले साल के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी दावेदारी को खत्म करवाना चाहती है। 

अब जानें- ब्राजील के इस हाई-प्रोफाइल मामले से ट्रंप कैसे जुड़े?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद से ही जेयर बोलसोनारो पर चल रहे मामले को लेकर टिप्पणियां जारी रखीं। जुलाई में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला डीसिल्वा को लिखी चिट्ठी में ट्रंप ने ब्राजील के बोलसोनारो के साथ बर्ताव को अंतरराष्ट्रीय अपमान करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका की तरफ से ब्राजील पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। यह ब्राजील के स्वतंत्र चुनावों पर हमले की वजह से उठाया गया कदम है। 


 
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ट्रंप समर्थकों की तरफ से अमेरिका में की गई हिंसा बनी थी बोलसोनारो समर्थकों की प्रेरणा?
2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जब डोनाल्ड ट्रंप को जो बाइडन के खिलाफ हार मिली थी, तब उन्होंने भी चुनावों में गड़बड़ियों की बात उठाई थी। 6 जनवरी 2021 को ट्रंप समर्थकों ने अमेरिकी संसद और कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया था। ट्रंप के खिलाफ तब अमेरिका में चुनावी नतीजों को पलटने की प्रयासों की साजिश रचने के आरोप में आपराधिक मामला चला था। 

विश्लेषकों का मानना है कि 6 जनवरी 2021 में ट्रंप समर्थकों की तरफ से की गई हरकत ही 2022 के ब्राजील चुनाव के बाद बोलसोनारो के समर्थकों की प्रेरणा थी। वह हिंसा के जरिए ब्राजील में चुनावी नतीजों को बदलने की फिराक में थे। 

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