बाइक दुर्घटना में मस्तिष्क के फ्रंटल लोब में चोट लगने के बाद पेशेवर संगीतकार एडवर्ड फ्रायटैग में अचानक परफेक्ट पिच जैसी असाधारण संगीत क्षमता विकसित हो गई। वह जटिल संगीत के सुर पहचानने लगे और नींद में अनूठी धुनें कंपोज करने लगे, जिनकी उन्हें खुद याद भी नहीं रहती थी। हालांकि, मस्तिष्क के ठीक होने के साथ उनकी यह असाधारण संगीत प्रतिभा भी धीरे-धीरे समाप्त हो गई।
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अपनी पत्नी जोआना फ्रायटैग के साथ रहने वाले पेशेवर संगीतकार एडवर्ड फ्रायटैग बाइक दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचे तो उनका व्यवहार असामान्य था। वह बिना वजह गाली-गलौज कर रहे थे, टीवी की आवाज कम करने की जिद कर रहे थे और कपड़े पहनने से मना कर रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, उनका यह व्यवहार मस्तिष्क के फ्रंटल लोब में लगी चोट का परिणाम था। मस्तिष्क का यह हिस्सा इंसान में संयम और आत्म-नियंत्रण बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। ऐसी ही एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटना 19वीं सदी के रेलवे कर्मचारी फिनीस गेज से जुड़ी है, जिनके सिर में लोहे की छड़ घुस गई थी और उनका व्यक्तित्व पूरी तरह बदल गया था। लेकिन एडवर्ड के मामले में एक ऐसी अनोखी घटना घटी, जिसने चिकित्सा विज्ञान का ध्यान खींचा। इसे मस्तिष्क की चोट के बाद संगीत संबंधी असाधारण क्षमता विकसित होने का पहला प्रलेखित मामला बताया गया है।
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अचानक विकसित हुई परफेक्ट पिच
दुर्घटना के लगभग दो हफ्ते बाद कार में रेडियो पर बज रहे जैज संगीत को सुनकर एडवर्ड अचानक जटिल कॉर्ड्स के सटीक नाम बताने लगे। उन्हें अपनी आंखों के सामने संगीत के नोट्स शीट म्यूजिक के रूप में दिखाई देने लगे। किसी भी पियानो की चाबी दबाने पर बिना किसी संदर्भ के सटीक नोट का नाम बता देने की क्षमता को 'परफेक्ट पिच' कहा जाता है। 40 वर्षों के संगीत करियर में एडवर्ड के पास केवल 'रिलेटिव पिच' यानी दो नोट्स के बीच की दूरी पहचानने की क्षमता थी। आमतौर पर दुनिया में 10,000 में से केवल एक व्यक्ति में परफेक्ट पिच की जन्मजात या आनुवंशिक क्षमता होती है। एडवर्ड की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रीमा अबू-खलील के अनुसार, मस्तिष्क की चोट के कारण किसी व्यक्ति में परफेक्ट पिच विकसित होने का यह दुनिया का पहला प्रलेखित मामला है।
इंसानी दिमाग और परफेक्ट पिच का न्यूरोसाइंस
'दिस इज योर ब्रेन ऑन म्यूजिक' के लेखक और न्यूरोवैज्ञानिक डैनियल जे. लेविटिन के अनुसार, सभी मनुष्यों में अव्यक्त परफेक्ट पिच की क्षमता होती है। हालांकि, इंसानी दिमाग पैटर्न और धुन की दिशा पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है और परफेक्ट पिच की क्षमता को दबा देता है। एडवर्ड की चोट ने संभवतः मस्तिष्क के उस हिस्से को निष्क्रिय कर दिया, जो इस क्षमता को दबाता था। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ब्रूस मिलर के अनुसार, जब मस्तिष्क का बायां फ्रंटल लोब चोट के कारण सुस्त पड़ जाता है, तो दायां गोलार्ध अपनी छिपी क्षमताओं के साथ उभरकर सामने आ सकता है।
नींद में रचीं 'ब्रेन ब्लीड' की अद्भुत धुनें
दुर्घटना के करीब एक महीने बाद एडवर्ड ने अपने कंप्यूटर पर 'ब्रेन ब्लीड' नाम की एक म्यूजिकल स्कोर फाइल देखी, जो 50 से अधिक पन्नों की थी। उनकी पत्नी जोआना ने बताया कि एडवर्ड हर रात करीब दो बजे उठकर बिना कुछ बोले कंप्यूटर पर संगीत कंपोज करते थे। हैरानी की बात यह थी कि एडवर्ड को सुबह उठने पर रात में संगीत रचने की कोई याद नहीं रहती थी।इस दौरान उन्होंने बेहद जटिल और अनूठी धुनें तैयार कीं। हालांकि, जैसे-जैसे एडवर्ड का दिमाग ठीक होता गया, उनका पुराना व्यवहार और संयम वापस लौट आया। इसके साथ ही उनकी असाधारण संगीत रचनात्मकता और परफेक्ट पिच की क्षमता भी धीरे-धीरे गायब हो गई।