ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यदि एक महिला होते तो वह एक उन्मादी और जबरन थोपे जाने वाले युद्ध की शुरूआत नहीं करते। जॉनसन जी-7 शिखर सम्मेलन के समापर जर्मनी में स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू दे रहे थे।
रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ युद्ध अब भी थमा नहीं है। पूर्वी यूक्रेन पर रूस की ओर से तेज हमले जारी हैं। युद्ध के ऐलान के बाद से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पश्चिमी देशों के नेताओं के निशाने पर हैं। इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पुतिन पर तंज कसा है।
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'वैश्विक शांति के लिए सत्ता में आएं महिलाएं'
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यदि एक महिला होते तो वह एक उन्मादी और जबरन थोपे जाने वाले युद्ध की शुरूआत नहीं करते। जॉनसन जी-7 शिखर सम्मेलन के समापर जर्मनी में स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिक्र किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध का एक प्रमुख कारण पुतिन का अपनी ताकत दिखाना है। उन्होंने वैश्विक शांति की ओर एक कदम के तौर पर अधिक महिलाओं के सत्ता में आने की अपील की।
पुतिन महिला होते तो नहीं थोपते जबरन आक्रमण
जॉनसन ने ब्रॉडकास्टर जेडडीएफ से कहा कि पुतिन यदि महिला हो, जो वह नहीं हैं, तो मुझे सचमुच में नहीं लगता कि उन्होंने एक उन्मादी और जबरन आक्रमण किया होता व इस तरह की हिंसा की होती। उन्होंने रूस के 69 वर्षीय राष्ट्रपति पुतिन का जिक्र करते हुए कहा कि यदि आप एक नुकसान पहुंचाने वाली शक्ति का सटीक उदाहरण देखना चाहते हैं तो यह वह चीज है जो पुतिन कर रहे हैं।
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'रूस सुरक्षा और शांति के लिए सीधा खतरा'
बोरिस जॉनसन की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटिश जनता नेताओं से उस व्यक्ति के खिलाफ कड़ाई की उम्मीद करती है जो दिन-प्रतिदिन बेकसूर नागरिकों की हत्या करता है। नाटो ने रूस को अपने सदस्यों की शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा और सीधा खतरा करार दिया है। तीस देशों के गठबंधन ने बुधवार को मैड्रिड में अपने शिखर सम्मेलन में एक बयान में यह बात कही।