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US: युवा दिखने की चाह में फल-फूल रहा नकली बोटॉक्स का काला कारोबार; चेतावनियों के बावजूद जान से खेल रहे डॉक्टर

Mon, 29 Apr 2024 08:03 AM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

एफडीए ने लोगों कोे बचने की चेतावनी देते हुए नकली पैकेजिंग की तस्वीरें जारी की हैं। इसमें 150 यूनिट लिखे बोटॉक्स बॉक्स भी जारी किए गए हैं और बताया है कि असली बोटॉक्स इस यूनिट में नहीं आता है।
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युवा दिखने की चाहत। - फोटो : iStock
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विस्तार
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युवा दिखने की चाहत में अमेरिका में नकली बोटॉक्स इंजेक्शन का काला धंधा परवान पर है। स्थिति ऐसी है कि संघीय एजेंसियां (एफडीए) इंजेक्शन में इस्तेमाल के लिए नकली या अस्वीकृत बोटॉक्स खरीदने वाले डॉक्टरों और चिकित्सा केंद्रों को दो हजार से अधिक चेतावनियां दे चुकीं हैं, पर कमाई की ऐसी लूट मची है कि वे जान से खेलने से हिचक नहीं रहे। 

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ऐसे चिकित्सकों व चिकित्सा केंद्रों को 2012 से ही चेतावनी जारी की जा रही है, पर कोई असर नहीं हो रहा। यहां हालात इतने खराब है कि प्रमाणित डॉक्टर भी नकली बोटॉक्स का इंजेक्शन लगाते पाए गए हैं। एफडीआई और राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों ने नकली या गलत तरीके से लगाई गई बोटॉक्स से 11 राज्यों में 22 बीमार लोगों की पहचान की है। जांच के दौरान एफडीए को इंटरनेट पर खोजने पर कई वेबसाइटें ऐसी मिलीं, जो ऐसे उत्पाद बेच रही थीं, जो उसके नकली बोटॉक्स के विवरण से मेल खाते थे और जांच की जा रही बीमारियों से जुड़े थे। न्यूयॉर्क शहर में गैर-चिकित्सा प्रदाताओं से इंजेक्शन लेने के बाद तीन लोग बीमार हो गए थे। स्थिति ऐसी हो गई कि वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ब्यूटीशियन या एस्थेटीशियन से बोटॉक्स लेने को लेकर चेतावनी तक देनी पड़ी।

एफडीए ने जारी की है नकली पैकेजिंग की तस्वीरें 
एफडीए ने लोगों कोे बचने की चेतावनी देते हुए नकली पैकेजिंग की तस्वीरें जारी की हैं। इसमें 150 यूनिट लिखे बोटॉक्स बॉक्स भी जारी किए गए हैं और बताया है कि असली बोटॉक्स इस यूनिट में नहीं आता है। 2021 में ही यहां लॉस एंजिल्स के होटल में एक महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो अंडरकवर एजेंटों को नकली बोटॉक्स इंजेक्शन बेचने की पेशकश कर रही थी। 
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11 राज्यों में 22 बीमार लोगों की हो चुकी है पहचान
यूएस का रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र कहता है कि मौजूदा मामलों में घायल मरीजों को या तो बगैर लाइसेंस वाले या अप्रशिक्षित व्यक्तियों ने इंजेक्शन लगाए थे। या फिर, उन्हें घरों या स्पा जैसी गैर-चिकित्सा सेटिंग्स में इंजेक्शन लगाए गए थे। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।

जानलेवा कारोबार...नकली बोटॉक्स की घुसपैठ
 नकली दवाओं का अध्ययन करने वाले कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रो. टिमोथी मैके का कहना है कि इस समस्या की दो मुख्य वजहें हैं। पहली यह कि उपभोक्ता ये नहीं जानते कि उन्हें जो मिल रहा है, वह असली है या नहीं। दूसरा यह कि नकली उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आपराधिक जांच ऑफिस के पूर्व निदेशक जॉर्ज करावेट्सोस का मानना हैं कि अमेरिका की सप्लाई चेन में नकली बोटॉक्स की घुसपैठ हो चुकी है। इसमें बोटुलिनम टॉक्सिन की थोड़ी मात्रा होती है, जो सही खुराक में दिए जाने पर हानिकारक नहीं होती है। मगर, अस्वीकृत उत्पादों में दवा के नाम पर खतरनाक तौर पर इसकी अधिक मात्रा होती है या फिर इनमें दवा के नाम पर कुछ भी नहीं हो सकता है। ऐसे में यह खारे पानी से लेकर नल के पानी या बोटुलिनम टॉक्सिन ए की अत्यधिक शक्तिशाली सांद्रता तक कुछ भी हो सकता है, जो जान तक ले सकता है। 

 न्याय विभाग में नकली बोटॉक्स से संबंधित मामलों में मुकदमा लड़ने वाले वकील सैम लुईस का कहते हैं कि कोई ऑनलाइन कहता है कि उनके पास बोटॉक्स है...तो यह जान लीजिए कि यह वैध तरीका नहीं हैं।

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