यूरोप में बर्ड फ्लू का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है। फ्रांस सरकार ने प्रवासी पक्षियों और पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण के नए मामलों की पुष्टि के बाद देशभर में राष्ट्रीय चेतावनी स्तर बढ़ा दिया है। उत्तरी फ्रांस के दो व्यावसायिक पोल्ट्री फार्मों और तीन छोटे घरेलू फार्मों में एवियन इन्फ्लुएंजा एच-5-एन-1 के मामले दर्ज किए गए हैं।
फ्रांस के कृषि मंत्रालय ने कहा है कि यह संक्रमण केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है बल्कि यह पोल्ट्री उद्योग, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। फ्रांस के साथ-साथ नीदरलैंड और स्पेन में भी हाल के हफ्तों में बर्ड फ्लू के मामले दर्ज हुए हैं।
नीदरलैंड के एक फार्म में संक्रमण की पुष्टि के बाद लगभग 71,000 पक्षियों को मारना पड़ा, जबकि स्पेन ने अपने निगरानी प्रोटोकॉल को और कड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रवासी पक्षी इस वायरस के प्राकृतिक वाहक हैं।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
बंगलूरू स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के हालिया अध्ययन के अनुसार एच-5-एन-1 वायरस में आनुवंशिक विविधता बढ़ रही है, जिससे यह अधिक अनुकूलन क्षमता के साथ इंसानों के लिए और खतरनाक बन सकता है। यूरोपियन फूड सेफ्टी अथॉरिटी (ईएफएसए) ने भी चेताया है कि मौसमी प्रवास के साथ यह संक्रमण शीतकालीन पुनरुत्थान चक्र में प्रवेश कर सकता है, जिससे यूरोप में सर्दियों के महीनों में नए प्रकोप देखने को मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल आम जनता के लिए खतरा बहुत कम है। पके हुए चिकन या अंडे खाना सुरक्षित है, क्योंकि वायरस 70 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर नष्ट हो जाता है। हालांकि पोल्ट्री उद्योग से जुड़े लोगों को फार्मों की नियमित सफाई, सैनिटाइजेशन और खुले में पक्षियों के संपर्क से बचने की सख्त सलाह दी गई है। फ्रांस में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों ने न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया को सतर्क कर दिया है।
प्रवासी पक्षी हैं संक्रमण के सबसे बड़े वाहक
विशेषज्ञों के अनुसार प्रवासी पक्षी सीमाओं की परवाह किए बिना इसे एक देश से दूसरे देश तक फैला सकते हैं, जिससे यूरोप के कई देशों की पशु-स्वास्थ्य प्रणालियां दबाव में आ गई हैं। बर्ड फ्लू, जिसे वैज्ञानिक रूप से एवियन इन्फ्लुएंजा कहा जाता है, पक्षियों में फैलने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसका सबसे खतरनाक प्रकार एच-5-एन-1 है जो विशेष रूप से मुर्गियों, बतखों और जलपक्षियों को प्रभावित करता है। संक्रमण संक्रमित पक्षियों के मल, पंख या दूषित सतहों के संपर्क से फैलता है।
सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियों के कदम
फ्रांस ने पहले से पोल्ट्री वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू कर रखा है, जिसने पिछले संक्रमणों को नियंत्रित करने में मदद की थी। अब सरकार ने चेतावनी स्तर उच्चतम पर ले जाकर सभी पोल्ट्री फार्मों को सख्त जैव- सुरक्षा मानकों का पालन करने का आदेश दिया है। संक्रमित क्षेत्रों को तुरंत सील कर साफ किया जा रहा है स्पेन और नीदरलैंड ने भी संक्रमण रोकने के लिए पोल्ट्री फार्मों को घर के अंदर रखने और खुले बाजारों की निगरानी बढ़ाने जैसे उपाय लागू किए हैं।