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कनाडाई कंपनी के सीईओ की भारत में मौत से लाखों लोगों के 10.38 अरब रुपये डूबे

Thu, 07 Feb 2019 04:32 AM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 2013 दिसंबर में शुरू की गई थी कंपनी क्वाड्रिगा
  • 3.63 लाख रजिस्टर्ड यूजर्स हैं इस एक्सचेंज के
  • 92 हजार यूजर्स का बकाया बताया जा रहा है कंपनी पर
  • 5.3 डॉलर के लगभग बाजार का भी उधार है कंपनी पर
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विस्तार
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कनाडा के एक सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज में से एक क्वाड्रिगा के 30 वर्षीय संस्थापक व सीईओ गेराल्ड कॉटन की भारत में अचानक हुई मौत ने पूरी दुनिया के तकरीबन 1 लाख लोगों के करीब 10.38 अरब रुपये (14.5 करोड़ डॉलर) डुबो दिए हैं। क्वाड्रिगा को ब्रिटिश कोलंबिया की एक अदालत ने दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है, जिससे अब इन लोगों को यह रकम वापस मिलने की संभावना खत्म हो गई है।

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कॉटन की मौत दिसंबर में भारत प्रवास के एक दौरान एक अनाथालय में समाजसेवा के दौरान हुई थी। वह अचानक आंतों से जुड़ी एक बीमारी क्रोहन की चपेट में आ गए थे, जिसके संक्रमण से उनकी मौत हो गई। तकरीब 3.63 लाख सक्रिय यूजर्स वाली कनाडाई क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्वाड्रिगा हैकरों के निशाने से बचने के लिए अपने पास मौजूद अधिकतर डिजिटल करेंसी को ऑफलाइन खातों में सुरक्षित रखती है, जिन्हें कोल्ड वॉलेट कहा जाता है। 

कॉटन दुनिया के इकलौते शख्स थे, जिनके पास इन कोल्ड वॉलेट में प्रवेश करने की अनुमति थी। कॉटन की मौत के बाद क्वाड्रिगा इन एक लाख से भी ज्यादा कोल्ड वॉलेट की क्रिप्टोकरेंसी उनके मालिकों को वापस लौटाने में फेल हो गई है। कॉटन की विधवा पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन का कहना है कि उनका इस काम में आने वाला लैपटॉप भी एनक्रिप्टिड है और मुझे कहीं भी उसका पासवर्ड या रिकवरी-की नहीं मिली है। 
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इसके चलते उसके अंदर से जानकारियां निकालकर इन कोल्ड वॉलेट को ऑपरेट करने के प्रयास फेल हो गए हैं। राबर्टसन ने क्रिप्टोकरेंसी न्यूज साइट कॉइनडेस्क को दिए बयान में कहा कि इस लैपटॉप से जानकारी निकालने के लिए हैकरों की भी मदद ली गई, लेकिन वे भी फेल रहे हैं। 

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