पीपीपी और पीएमएल-एन, पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की 16 महीने की सरकार में प्रमुख भागीदार थे। इसका गठन अप्रैल 2022 में इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद किया गया था।
पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव होने हैं। ऐसे में पक्ष-विपक्ष सब अपना प्रचार कर रहे हैं। हालांकि इस बीच, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने शुक्रवार को आम चुनावों के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है।
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पीपीपी हो रही हमलावर
विशेष रूप से, पीपीपी और पीएमएल-एन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की 16 महीने की सरकार में प्रमुख भागीदार थे, जिसका गठन अप्रैल 2022 में इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद किया गया था। हालांकि, जैसे-जैसे आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, पीपीपी अपने पूर्व गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ उग्र हो गई है। वह पीएमएल (एन) को बढ़ती महंगाई और अल्पकालिक सरकार में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए दोषी ठहरा रही है।
अगर फिर मूर्ख बना...
एमएल-एन के साथ एक साक्षात्कार में गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर, बिलावल ने कहा, 'आपको किसने बताया कि पीपीपी उनके (पीएमएल-एन) साथ गठबंधन सरकार बनाएगी? मैंने पहले भी कहा है: मुझे एक बार मूर्ख बनाया तो आप शर्म करें, अगर मैं दोबारा मूर्ख बना तो मुझे खुद पर शर्म आनी चाहिए।'
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पहले की तरह अच्छी स्थिति नहीं
बिलावल ने कहा, 'अगर वे सरकार बनाने को लेकर पीपीपी पर भरोसा कर रहे हैं तो यह उनके लिए मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा कि पीएमएल-एन पंजाब में पहले की तरह अच्छी स्थिति में नहीं है।
शरीफ के चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ
पीपीपी नेता ने कहा कि विभिन्न धाराओं के लोग पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ के चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने और प्रधानमंत्री चुनने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों को अपने पाले में लाएगी। पीडीएम के कार्यकाल को याद करते हुए पीपीपी प्रमुख ने पीएमएल-एन पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ की गई प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करने का आरोप लगाया, जिसने देश को दांव पर लगा दिया।