अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के विरोध में हजारों लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। ये विरोध प्रदर्शन अमेरिका में लगभग 700 से स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, शिकागो, लॉस एंजिल्स और जैक्सनविल जैसे शहर शामिल हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर जहां एक ओर पूरी दुनिया में चर्चाएं तेज हो गई है। वहीं दूसरी ओर एक बार फिर अमेरिका में ही हजारों लोगों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह प्रदर्शन ट्रंप की नीतियों से नाराजगी जताने के लिए हुआ, जिसमें टैरिफ (आयात कर), धमकियां, संघीय नौकरी में कटौती, और आव्रजन कानून शामिल हैं।
विज्ञापन
बता दें कि अमेरिका में लगभग 700 से ज्यादा जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें न्यूयॉर्क, वाशिंगटन, शिकागो, लॉस एंजिल्स और जैक्सनविल जैसे शहर शामिल हैं। हालांकि, 5 अप्रैल को हुए प्रदर्शनों के मुकाबले इस बार लोगों की संख्या थोड़ी कम रही।
ट्रंप के खिलाफ लगाए शर्म करो के नारे
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नाराजगी के बीच वाशिंगटन में बड़ी संख्या में लोग व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हुए। साथ ही ट्रंप के खिलाफ 'शर्म करो' जैसे नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति पर नागरिक स्वतंत्रता और कानून के शासन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
अब्रेगो गार्सिया की वापसी को लेकर भी उठी मांग
इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने अल साल्वाडोर से निर्वासित होने वाले किल्मर आर्मंडो अब्रेगो गार्सिया की वापसी की भी मांग की। इसके साथ ही वाशिंगटन में मौजूद आरोन बर्क ने चिंता जताई कि सरकार बिना किसी प्रक्रिया के लोगों को निर्वासित कर रही है और यह सिलसिला कहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ट्रांसजेंडर है और उन्हें अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव की सबसे ज्यादा चिंता है।
LGBTQ समुदाय के समर्थन में भी आए लोग
वहीं फ्लोरिडा के जैक्सनविल में सैकड़ों लोग LGBTQ समुदाय के अधिकारों और पर्यावरण सुरक्षा कानूनों में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में भाग लेने वाली सारा हार्वे ने कहा कि हम अपना देश खो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एलन मस्क के नेतृत्व में संघीय नौकरियों में हो रही कटौती का भी विरोध कर रही हैं।
लोकतंत्र को बचाने की अपील
50501 समूह की प्रवक्ता हीदर डन ने कहा कि शनिवार का विरोध प्रदर्शन 'ट्रंप प्रशासन के अधिनायकवाद से लोकतंत्र की रक्षा' के लिए है। उन्होंने कहा कि यह गैर-राजनीतिक और शांतिपूर्ण आंदोलन है, जो संविधान का सम्मान करता है और सरकार में जनहित को प्राथमिकता देने की मांग करता है। उन्होंने कहा, 'हमारे साथ डेमोक्रेट्स, इंडिपेंडेंट्स और रिपब्लिकन सभी हैं, क्योंकि वे सभी एक ऐसी निष्पक्ष सरकार में भरोसा करते हैं जो लोगों को मुनाफे से ऊपर रखे।'