पाकिस्तान का निर्यात उद्योग भुगतान नहीं होने के चलते बड़े नकदी संकट से जूझ रहा है। इस मुद्दे पर कई शिकायतें मिलने के बाद अब जाकर सरकार की आंख खुली है। सरकार ने वादा किया है कि इस माह के भीतर ही निर्यातकों को रिफंड का पूर्ण भुगतान किया जाएगा।
निर्यात क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान वित्त सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख ने यह वादा किया। सरकार की ओर से भरोसा दिलाने के बावजूद जानकारों का मानना है कि यह वादा कोरा साबित हो सकता है। इसका कारण यह है कि सरकार खुद ही नकदी संकट से जूझ रही है। निर्यातकों का सरकार पर भरोसा कम हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में कोरोना वायरस के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की खराब होती स्थिति को लेकर चर्चा की गई। निर्यात समूह के प्रतिनिधिमंडल ने शेख को बताया कि महामारी के कारण उनके उत्पादों की मांग काफी कम हो गई है। विशेष रूप से कपड़ा उद्योग प्रभावित हुआ है।
फरवरी-मार्च में जैसे ही निर्यात उद्योग में मांग बढ़ी वैसे ही कोरोना वायरस के चलते इसमें भारी गिरावट देखने को मिल रही है। वैश्विक व्यापार की स्थिति को देखते हुए इस उद्योग के लिए नकदी का संकट बड़ा होता जा रहा है और मदद नहीं मिलने की स्थिति में कई कंपनियां दीवालिया घोषित हो सकती हैं।