US: अमेरिका के राष्ट्रपति का जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए रेडिएशन और हार्मोन थेरेपी ले रहे हैं। मई में यह पता चला कि उनका कैंसर हड्डियों तक फैल चुका है और उनका ग्लिसन स्कोर नौ है, जो आक्रामक कैंसर को दर्शाता है। पिछले महीने उनकी एक सर्जरी भी हुई थी, जिसमें माथे से त्वचा के कैंसर के घाव हटा दिए गए थे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को पद छोड़ने के बाद प्रोस्टेट कैंसर के एक आक्रामक रूप का पता चला था और अब वह उसके उपचार के नए चरण में रेडिएशन और हार्मोन थेरेपी ले रहे हैं। उनके एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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बाइडन की सहायक केली स्कली ने कहा, प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के लिए पूर्व राष्ट्रपति इस समय रेडिएशन थेरेपी और हार्मोन उपचार ले रहे हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बाइडन (82 वर्षीय) ने जनवरी में राष्ट्रपति का पद छोड़ दिया था, इससे छह महीने पहले उन्होंने अपनी दोबारा चुनाव लड़ने की योजना वापस ले ली थी। यह फैसला उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक खराब डिबेट और उनकी उम्र, सेहत और मानसिक क्षमता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद लिया था। ट्रंप ने डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को हराया, जो बाइडन की उपराष्ट्रपति थीं।
बाइडन के पद छोड़ने के बाद के मई में राष्ट्रपति कार्यालय ने घोषणा की थी कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर हुआ है और यह कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल चुका है। यह जानकारी तब सामने आई जब बाइडन ने पेशाब से जुड़ी कुछ समस्याएं बताई थीं।
प्रोस्टेट कैंसर की गंभीरता को मापने के लिए ग्लिसन स्कोर नाम की एक प्रणाली का उपयोग किया जाता है। यह स्कोर 6 से 10 के बीच होता है, जिसमें 8, 9 और 10 वाले कैंसर को सबसे आक्रामक यानी तेजी से बढ़ने वाला माना जाता है। बाइडन के कार्यालय ने बताया कि उनका स्कोर नौ है, जिससे साफ होता है कि उन्हें अत्यधिक आक्रामक प्रकार का कैंसर है।
पिछले महीने बाइडन की एक सर्जरी हुई थी, जिसमें उनके माथे पर जो त्वचा पर कैंसर के निशान थे, उन्हें हटा दिया गया। मतलब उनकी त्वचा पर कैंसर के छोटे-छोटे घाव थे, जिन्हें डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए निकाल दिया।