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Pope Francis: बेल्जियम के पीएम ने पोप फ्रांसिस के सामने ही उनकी कड़ी आलोचना की, जानिए किस बात से हैं नाराज

Fri, 27 Sep 2024 03:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्रुसेल्स

सार

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कैथोलिक चर्च के यौन शोषण मामलों को लेकर पोप फ्रांसिस के सामने ही उनकी कड़ी आलोचना कर डाली। बेल्जियम पीएम ने पोप फ्रांसिस से यौन शोषण मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग की। 
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पोप फ्रांसिस - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप फ्रांसिस इन दिनों बेल्जियम दौरे पर हैं। इसे लेकर पूरे बेल्जियम में उत्साह का माहौल है। हालांकि बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने पोप फ्रांसिस के उद्घाटन समारोह में ही कुछ ऐसा कर दिया, जिसने पूरे ईसाई जगत को हैरान कर दिया है। दरअसल बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कैथोलिक चर्च के यौन शोषण मामलों को लेकर पोप फ्रांसिस के सामने ही उनकी कड़ी आलोचना कर डाली। बेल्जियम पीएम ने पोप फ्रांसिस से यौन शोषण मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग की। 
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प्रोटोकॉल के विपरीत बेल्जियम पीएम ने पोप फ्रांसिस के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कैथोलिक चर्च में पादरी द्वारा यौन शोषण करने और उसे छिपाने के लिए पोप फ्रांसिस की कड़ी आलोचना की। शुक्रवार को पोप फ्रांसिस बेल्जियम की यात्रा पर उनका जोरदार स्वागत किया गया, लेकिन इस दौरान प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने शायद पोप फ्रांसिस की किसी भी विदेश यात्रा पर दिया गया सबसे तीखा भाषण दिया। आम तौर पर राजनेता प्रोटोकॉल के तहत अपने भाषण की भाषा को विनम्र रखते हैं, लेकिन बेल्जियम के पीएम ने पोप फ्रांसिस के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनसे चर्च के अपराधों के लिए प्रयाश्चित करने और पीड़ितों के कल्याण के लिए काम करने की मांग की। 

'सिर्फ शब्दों से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने होंगे'
प्रधानमंत्री ने कहा कि यौन शोषण कांड से कैथोलिक चर्च के प्रभाव में कमी आई है। हालांकि प्रधानमंत्री के भाषण के बाद पोप फ्रांसिस ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्ध किया। बेल्जियम के शाही परिवार के निवास स्थान, लाइकेन कैसल में  अपने संबोधन में डी क्रू ने कहा कि 'आज, सिर्फ़ शब्दों से काम नहीं चलता। बल्कि हमें ठोस कदम उठाने की भी ज़रूरत है। पीड़ितों की बात सुनी जानी चाहिए और गलत कामों को पहचान होनी चाहिए। जब कुछ गलत होता है तो हम उसे छिपाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भविष्य में देखने के लिए चर्च को अपने अतीत के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए।'
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पादरी पर लगे थे यौन शोषण के आरोप
साल 2010 में एक बेल्जियम में पादरी द्वारा बच्चों का यौन शोषण करने का खुलासा हुआ था। इससे बेल्जियम में भूचाल आ गया था। बिशप, ब्रुगेस बिशप रोजर वांगेलुवे पर अपने भतीजे का 13 साल तक यौन शोषण करने का आरोप स्वीकारा था। पोप फ्रांसिस ने इस साल की शुरुआत में ही वांगेलुवे को पदच्युत किया था। यौन शोषण के मामले को छिपाने के लिए कैथोलिक चर्च की खूब आलोचना हुई। 
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