बांग्लादेश में दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच जारी टकराव में अब विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) एक नए और गंभीर आरोप से घिरती नजर आ रही है। अवामी लीग सरकार में विदेशी मामलों के राज्यमंत्री एम शहरियार आलम ने इल्जाम लगाया है कि बीएनपी ने अमेरिका में ‘बांग्लादेश विरोधी गतिविधियों’ को चलाने के लिए वहां लॉबिस्ट फर्म की मदद ली है। सरकार का आरोप है कि बीएनपी ने इस फर्म को साढ़े 37 लाख डॉलर का भुगतान किया। पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये इल्जाम लगा कर सत्ता पक्ष ने बीएनपी पर देशद्रोही गतिविधियों में शामिल बताने की कोशिश की है।
छवि सुधारने के लिए पीआर फर्म की मदद
शहरियार आलम ने दावा किया कि अवामी लीग सरकार ने कभी किसी लॉबिस्ट की मदद नहीं ली। न ही वह भविष्य में ऐसा करेगी। लेकिन बीएनपी ने ऐसा किया है। लेकिन पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार पर भी विदेश में अपनी छवि सुधारने के लिए पैसा खर्च करने के आरोप लगते हैं। इस पर सफाई देते हुए आलम ने कहा- ‘सरकार ने एक पीआर (जन संपर्क) फर्म की सेवा ली है। यह लॉबिंग नहीं है। पीआर फर्म की मदद इसलिए ली गई है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बांग्लादेश की सफलता की विभिन्न कहानियों को सकारात्मक रूप से पेश कराने में मदद मिले।’
विदेश में छवि सुधारने पर पैसा खर्च करने का मुद्दा इन दिनों बांग्लादेश में गर्म है। इस हफ्ते इस मसले पर संसद में भी चर्चा हुई है। इस सिलसिले में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है। इसी में नया इल्जाम जोड़ते हुए आलम ने कहा कि सरकार के हाथ ऐसे आठ दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि बांग्लादेश के नागरिकों ने उनकी सेवा ली। उन आठ में से तीन दस्तावेज ऐसे हैं, जिन पर बीएनपी की तरफ से दस्तखत किए गए हैं। उन दस्तावेजों पर बीएनपी के नया पलटन स्थित कार्यालय का पता दर्ज है।
जमात-ए-इस्लामी ने किए दस्तखत
आलम ने कहा कि चार दस्तावेजों पर जमात-ए-इस्लामी की तरफ से दस्तखत किए गए हैं। उन पर न्यूयॉर्क के पते हैं। आलम ने दावा किया कि जमात ने लॉबिस्ट फर्म्स की सेवा कई दूसरे मुद्दों पर अपना पक्ष प्रचारित करने के लिए ली है। इनमें बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल से जुड़ा मुद्दा है। ये ट्रिब्यूनल कई कट्टरपंथी लोगों को सजा सुना चुका है।
सरकार की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक बीएनपी ने लॉबिस्ट फर्म अकिन कंपनी एसोसिएट्स, ब्लू स्टार स्ट्रेटेजीज और रैस्की पार्टनर्स की सेवाएं ली हैं। जबकि जमात ने पीस एंड जस्टिस नाम के एक संगठन के साथ करार किया है। सरकार ने कहा है कि ये तमाम दस्तावेज बांग्लादेश बैंक के गवर्नर के भेजे जा रहे हैं, ताकि वे इस बात की पुष्टि कर सकें कि क्या इन सौदों के लिए बीएनपी ने पैसा कानूनी तरीके से अमेरिका भेजा।
जानकारों का कहना है कि इन नए आरोपों से बांग्लादेश में राजनीतिक टकराव और बढ़ेगा। पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने और नए निर्वाचन आयोग के गठन के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही तलवारें तनी हुई हैं।