प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना
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बांग्लादेश में रविवार यानी कि 7 जनवरी को आम चुनाव होने हैं। इससे पहले बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने कहा है कि जब तक अवामी लीग की सरकार है, तब तक बांग्लादेश में भारत विरोधी गतिविधियां या आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बांग्लादेशी गृह मंत्री ने ये भी कहा कि भारत को चीन के बांग्लादेश में निवेश से परेशान नहीं होना चाहिए और भारत और बांग्लादेश के रिश्ते आने वाले दिनों में और मजबूत होंगे।
पीटीआई के साथ टेलीफोन पर दिए एक इंटरव्यू में शेख हसीना सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि अवामी लीग की सरकार में 7 जनवरी को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी बीएनपी ने हार के डर से चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है। बीएनपी ने मांग की है कि चुनाव से पहले केयरटेकर सरकार बनाई जाए, लेकिन मांग पूरी ना होने के चलते बीएनपी ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है।
बीएनपी की सरकार में बढ़ती हैं भारत विरोधी गतिविधियां
असदुज्जमां खान ने बताया कि बीएनपी और जमात के कार्यकाल के दौरान भारत विरोधी तत्वों को बांग्लादेश में बढ़ावा दिया गया। हमने सत्ता में आने के बाद उनका सफाया किया। जब तक हमारी पार्टी (अवामी लीग) सत्ता में है, तब तक हम अपने देश में भारत विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। गृह मंत्री ने ये भी कहा कि बीएनपी के सत्ता में आने के बाद भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के भारत से रिश्ते खास हैं, क्योंकि भारत ने बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
चीन से बढ़ते संबंधों पर क्या बोले
बांग्लादेश में चीन के बढ़ते निवेश पर असदुज्जमां ने कहा कि भारत को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारत और बांग्लादेश के रिश्तों की किसी से तुलना नहीं हो सकती। चीन हमारे पावर प्लांट्स और आधारभूत ढांचे में निवेश कर रहा है लेकिन भारत से हमारे रिश्ते अलग हैं और इसका असर हमारे रिश्तों पर नहीं पड़ेगा। शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की सरकार साल 2008 से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज है।