ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य ने सार्वजनिक सभाओं में 100 फीसदी लोगों की उपस्थिति को अनुमति दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में एक महीने से कोरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि विक्टोरिया में औपचारिक तौर पर कोरोना खत्म हो गया है।
वहीं पांच महीने बाद मेलबर्न में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स से आने वाले लोगों के लिए अपनी सीमाओं को खोलने के लिए तैयार है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस के मामलों में काफी कमी देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया पहला ऐसा देश बन गया है, जहां स्टेडियम में दर्शकों को मैच देखने की अनुमति है।
ऑस्ट्रेलिया में मृत्यु दर 3.2 फीसदी
इसके अलावा न्यू साउथ वेल्स में पिछले एक महीने में मात्र एक स्थानीय शख्स ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ है। पिछले कुछ दिनों से ऑस्ट्रेलिया में रोजाना औसतन दस मामले ही सामने आ रहे हैं। इसके अलावा 27 अक्तूबर से, ऑस्ट्रेलिया में कोविड-19 से मात्र एक शख्स की मौत हुई है। ऑस्ट्रेलिया में मृत्यु दर 3.2 फीसदी है।
ऑस्ट्रेलिया में सक्रिय मामलों की संख्या 44
ऑस्ट्रेलिया में मौजूदा समय में मात्र 44 मामले ही सक्रिय हैं। ऑस्ट्रेलिया की रणनीति पूरी तरह के कोरोना वायरस खत्म करने की थी, जिस वजह से सितंबर में देश में 2,000 मामले सामने आए जबकि अगस्त में कोरोना वायरस के 8,000 मामले सामने आए थे।
कोरोना को रोकने में ऑस्ट्रेलिया ने क्या रणनीति अपनाई ?
जुलाई महीने के बाद ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। स्कॉट मॉरिसन सरकार ने कोरोना वायरस के मामलों को शून्य तक लाने का लक्ष्य तय किया, ना कि मामलों को कम करने पर जोर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 'गो फॉर जीरो' नीति के तहत काम किया।
बिना समय गंवाए सरकार ने व्यापारियों को अपने व्यवसाय बंद करने के निर्देश दिए। नाइट कर्फ्यू लगाया, स्थानीय लोगों से कहा कि अपने घर से पांच किमी की सीमा को ना पार करें। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों ने दूसरे राज्यों के लिए अपनी सीमा बंद करने का भी फैसला लिया था।
इसके अलावा टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और आइसोलेशन को अनिवार्य किया। इसके अलावा लोगों को मेडिकल सुविधाएं देने के लिए हेल्थ होटल की स्थापना की। व्यवसायों और श्रमिकों का समर्थन करने के लिए सरकार ने व्यापारियों को सब्सिडी दी ताकि वो लोगों को काम से ना निकालें, इसके अलावा कर्मचारियों के बेरोजगारी लाभ को भी बढ़ाया।