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ऑस्ट्रेलिया सेना ने अफगानिस्तान में गैरकानूनी रूप से 39 लोग मारे

Fri, 20 Nov 2020 02:55 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मेलबर्न
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सांकेतिक तस्वीर
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युद्ध अपराध को लेकर चार साल से ज्यादा चली जांच के बाद ऑस्ट्रेलिया के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने स्वीकार किया है कि उनकी सेना अफगानिस्तान में आपराधिक गतिविधियों में शामिल थी। ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल ने माना, इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि अफगानिस्तान में तैनात उनके सैनिकों ने कम से कम 39 अफगान नागरिकों को गैरकानूनी तरीके से हत्या की।

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कैंपबेल के मुताबिक, मैं ईमानदारी से अफगान लोगों के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा बलों द्वारा किए गए किसी भी गलत काम के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा बल के महानिरीक्षक 2005 से 2016 के बीच अफगानिस्तान में ऑस्ट्रेलिया सेना द्वारा युद्ध अपराध के आरोपों की जांच कर रहे थे।


उन्होंने कहा, अगला कदम युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाना होगा। जांच में पाया गया कि ऑस्ट्रेलियाई सेना में विशेष बल के 25 सैनिक कैदियों, किसानों और अन्य निहत्थे नागरिकों की हत्याओं में शामिल थे।
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इसी के साथ नागरिकों की 23 अवैध हत्याओं के भी पुख्ता सबूत भी हैं जिनमें कम से कम 39 अफगान नागरिक मारे गए थे। युद्ध अपराध का सिलसिला 2009 में शुरू हुआ लेकिन ज्यादातर लोग 2012 से 2013 के बीच मारे गए।

मिशन पर संदेह की उंगलियां उठीं
ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल ने जांच रिपोर्ट आने के बाद कहा, इस तरह के कथित व्यवहार ने अफगान लोगों द्वारा हमारे ऊपर जताए गए भरोसे का अनादर किया। अफगानों ने अपने देश से हमें मदद करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि कथित अपराध के चलते न सिर्फ मिशन पर संदेह की उंगलियां उठीं बल्कि अफगान परिवारों और समुदायों को दर्द और दुख झेलना पड़ा।

अब तक ऑस्ट्रेलियाई सेना कर चुकी है ऐसे 55 मामलों की जांच
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा बल का कहना है कि पिछले चार सालों में इस तरह के कई आरोपों की आंतरिक समिति ने जांच की है। सेना ने अपने एक बयान में कहा कि उसने 55 मामलों की जांच की है, जिसमें 336 गवाहों ने बयान दिए हैं। सितंबर 2001 में अमेरिका में आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान में 2002 को ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों की तैनाती की गई थी। अफगानिस्तान में कुल 39,000 ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने अपनी सेवा दी, जिनमें से 41 मारे गए। ऑस्ट्रेलिया ने 2013 में अफगानिस्तान से अपने अधिकांश सैनिकों को वापस बुला लिया था। 

लोगों का हम पर से भरोसा उठा
ऑस्ट्रेलियाई सेना के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल ने जांच रिपोर्ट के बाद कहा, इस तरह के व्यवहार से अफगानिस्तान की जनता का हमारे ऊपर से भरोसा उठा है, जिनकी रक्षा के लिए हम लोग यहां पर तैनात हैं। उन्होंने कहा, कथित अपराध मिशन को संदेह में डालने के साथ-साथ अफगान परिवारों, समुदायों को दर्द और दुख देता है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हत्या में शामिल 19 लोगों की जांच की जाए। कैंपबेल ने कहा, मैंने महानिरीक्षक की जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और 143 सिफारिशों को लागू करने के लिए एक व्यापक योजना पर काम चल रहा है। 
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