कोरोना वायरस की वैक्सीन आने का लोग इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अभी तक कोई ठोस टीका विकसित नहीं किया जा सका है। अब एक सुखद खबर ब्रिटेन से आई है वहां की वैक्सीन विकसित कर रही एक कंपनी एस्ट्राजेनेका का दावा है कि उसकी कोरोना वैक्सीन ने बुजुर्गों में भी जबर्दस्त प्रतिरोधक क्षमता विकसित की है।
शोध आधारित पत्रिका लैंसेट के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी ने कोरोना टीका सीएचएडीओएक्स1 एनकोव-19 के अध्ययन के लिए 560 लोगों को शामिल किया था। जिसमें कहा था कि टीका ऐसा हो जो ज्यादा उम्र के लोगों के लिए कारगर हो। यह टीका 55 से ऊपर 70 साल से भी अधिक के बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर सिद्ध हुआ है।
दुनियाभर के विशेषज्ञों का कहना था कि कोरोना अधिक उम्र के लोगों के लिए खतरनाक है। यदि कोई प्रभावी वैक्सीन विकसित नहीं की गई तो बुजुर्गों की मौत के आंकड़े बढ़ सकते हैं। साथ ही इस वैक्सीन से बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।
पूनावाला ने कहा था अगले महीने तक आ सकती है कोरोना टीके की 10 करोड़ खुराक
सीआइआइ के सीईओ अदार पुनावाला ने कहा था टीके का शुरुआती उत्पादन भारत के लिए होगा और इसके आने से टीका वितरण की व्यवस्था शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया, अगले साल की शुरुआत में टीके को मंजूरी मिलने के बाद अन्य दक्षिण एशियाई देशों को भी खुराक भेजी जाएंगी।
सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन के सौ करोड़ डोज बनाएगी जिसमें 50 करोड़ भारत के लिए और 50 करोड़ अन्य दक्षिण एशियाई देशों के लिए होंगे। सीरम इंस्टीट्यूट अब तक वैक्सीन के चार करोड़ डोज तैयार कर चुका है। पूनावाला के अनुसार एस्ट्राजेनेका और सीरम के बीच वैक्सीन उत्पादन का करार है।