शुक्रवार तड़के उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में एक सरकारी हाईस्कूल को कट्टरपंथियों ने बम से उड़ा दिया। पुलिस के मुताबिक अज्ञात बदमाशों ने यह हमला किया। घटना टैंक जिले के गुल इमाम पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में अकबरी गांव की है। धमाके के चलते स्कूल के कई कमरे ढह गए। अभी तक किसी समूह ने स्कूल बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। बताया गया कि यह लड़कियों का स्कूल था और कुछ कट्टरपंथी पहले से महिला शिक्षा के खिलाफ थे।
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हालांकि, टैंक जिले में सक्रिय प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के अलग-अलग समूह लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ हैं और आमतौर पर उन्हीं के स्कूलों को निशाना बनाते हैं। स्थानीय गैर सरकारी संगठनों द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में इस प्रांत में 450 से अधिक स्कूल ऐसे हमलों में नष्ट हो चुके हैं, जिससे छात्रों को या तो स्कूल जाना बंद करना पड़ा या वे बर्बाद इमारतों या मलबे के बगल में कक्षाएं लेने के लिए मजबूर हुए। पाकिस्तान में 2019 तक लड़कियों के स्कूलों पर कई हमले हुए, खासकर स्वात घाटी और उत्तर-पश्चिम में अन्य जगहों पर जहां पाकिस्तानी तालिबान ने लंबे समय तक पूर्व आदिवासी क्षेत्रों को नियंत्रित किया था।
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गैस रिसाव से धमाके में पूर्व मंत्री की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अपने घर पर गैस रिसाव से हुए विस्फोट में घायल हुए पूर्व मंत्री की शुक्रवार को मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कोहाट जिले में स्थित उनके आवास पर बृहस्पतिवार को गैस रिसाव से हुए विस्फोट में पीएमएल-एन के पूर्व सांसद अब्बास खान अफरीदी समेत तीन लोग घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अफरीदी एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती थे। वह संघीय मंत्री भी रह चुके थे।