चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार उजागर हो गया है। उइगर मुसलमानों पर चीन में हो रहे अत्याचार से जुड़ा डाटा सामने आया है। इस डाटा को शिनजियांग क्षेत्र की पुलिस कंप्यूटर सर्विस को हैक करके हासिल किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शिनजियांग पुलिस फाइल कहे गए इस डाटा से उइगर मुस्लमानों पर किए जा रहे अत्याचार से जुडी़ गोपनीय तस्वीरें और भागने का प्रयास करने वालों को गोली मारने जैसी कई बातें सामने आई हैं। उइगर मुसलमानों पर अत्याचार से जुडे़ आंकड़े इस साल की शुरूआत में बीबीसी को मिले थे। जिनकी कई महीनों तक जांच की गई। जिसके बाद अब इन्हें प्रदर्शित किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचेलेत शिनजियांग के दौरे पर चीन में हैं। ऐसे में उइगर मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार का सामने आना बड़ी बात मानी जा रही है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बिशेल की यात्रा पर सरकार का नियंत्रण रहेगा।
बता दें कि शिनजियांग में चीन ने हिरासत केंद्र बनाए हुए हैं। जहां पर उइगर मुस्लमानों को बंदी बनाकर रखा जाता है। उनपर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं। हालांकि, चीन उन केंद्रों को शिक्षा केंद्र बताता है।
मामूली झगड़े में मिलती है लंबी सजा
चीन में उइगुर मुसलमानों को आपसी झगड़े जैसे मामूली या झूठे आरोप तक में 5 से 25 साल तक की कैद दी जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जांच राज्य में साल 2014 के बाद से लंबी सजा के लिए उन पर आतंक फैलाने, अलगाववाद और नफरत फैलाने के आरोप लगाने के मामले तेजी से बढ़े हैं।
कौन हैं उइगर मुसलमान?
उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यक तुर्क जातीय समूह से ताल्लुक रखते हैं। ये मूल रूप से मध्य और पूर्व एशिया के निवासी हैं। इनकी भाषा तुर्की है। चीन में जिन 55 अल्पसंख्यक समुदायों को आधिकारिक पर मान्यता दी गई है, उइगर उनमें से ही एक हैं। वर्तमान में उइगर मुसलमानों की सबसे बड़ी आबादी चीन के शिनजियांग क्षेत्र में रहती है।