फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sudan: अल-फाशेर में तीन दिन तक हिंसा में मारे गए 6000 से अधिक लोग, अर्धसैनिक बल ने किए अत्याचार; UN की रिपोर्ट

Sun, 15 Feb 2026 02:58 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा।

सार

Sudan: सूडान के दारफुर क्षेत्र में अर्धसैनिक बल की ओर से किए गए हमलों में तीन दिनों में छह हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है और इसे बेहद खौफनाक बताया है। यूएन के मुताबिक, इन हमलों के दौरान सामूहिक हत्या, यौन हिंसा और नस्लीय आधार पर अत्याचार जैसे गंभीर अपराध किए गए। पढ़ें रिपोर्ट-
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सूडान के दारफुर क्षेत्र में एक अर्धसैनिक समूह ने अक्तूबर के अंत में तीन दिनों तक अत्यधिक हिंसा की। इसकी भयावहता और क्रूरता हैरान करने वाली थी। इस हिंसा में छह हजार से अधिक लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने यह जानकारी दी है। 
विज्ञापन

 
यूएन का कहना है कि सूडान के अल-फाशेर में रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (आरएसएफ) के हमले में तीन दिनों में कम से कम छह हजार लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में कहा गया कि अल-फाशेर शहर पर कब्जा करने के लिए हमले में आरएसएफ बड़े पैमाने पर ऐसे अत्याचारों में शामिल था, जो युद्ध और मानवता के खिलाफ अपराधों की श्रेणी में आते हैं। 

अपराधियों को सजा न मिलने हिंसा को मिल रहा बढ़ावा
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा, अल-फाशेर पर आखिरी हमले में आरएसएफ और उसके सहयोगी अरब मिलिशिया की ओर से किए गए मनमाने अपरा दिखाते हैं कि अपराध के लिए सजा न देने से हिंसा के निरंतर चक्र को बढ़ावा मिलता है।   
विज्ञापन

 
अपराधियों को सजा न मिलने हिंसा को मिल रहा बढ़ावा
आरएसएफ और उसके सहयोगी अरब समूहों ने 26 अक्तूबर को अल-फाशेर पर कब्जा कर लिया था। इन अरब समूहों को जनजावीद कहा जाता है। अल-फाशेर दारफुर में सूडानी सेना का आखिरी किला था। 18 महीनों की घेराबंदी के बाद आरएसएफ ने शहर और आसपास के इलाकों में लूटपाट की और जमकर हिंसा फैलाई। 

ये भी पढ़ें: नोबेल पुरस्कार की शान से एपस्टीन ने लोगों को फंसाया, समिति के प्रमुख तक थी पहुंच; खुले बड़े राज

रिपोर्ट में सामूहिक हत्या और यौन हिंसा जैसे गंभीर अपराध का जिक्र
संयुक्त राष्ट्र की 29 पन्नों की रिपोर्ट में कई खौफनाक अपराधों का विवरण दिया गया। इसमें सामूहिक हत्या, तुरंत फांसी, यौन हिंसा, फिरौती के लिए अपहरण, यातना और दुर्व्यवहार, हिरासत और गुमशुदगी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि कई मामलों में ये हमले नस्ल या समुदाय के आधार पर किए गए थे।
विज्ञापन


आरएसएफ ने इस मामले में ईमेल के जरिये पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। अर्धसैनिक समूह के जनरल मोहम्मद हमदान दगालो ने पहले अपने सैनिकों की ओर से किए गए दुराचार को स्वीकार किया था, लेकिन हिंसा के पैमाने से इनकार किया। एक चश्मदीद ने बताया कि उसने अल-फाशेर में शवों को हवा में उछलते देखा, जैसे कोई हॉरर फिल्म का दृश्य हो। 



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें