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Coronavirus Vaccine: ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 वैक्सीन परीक्षण में शामिल वॉलंटियर की मौत, नहीं लगा था टीका

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रासीलिया Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 22 Oct 2020 11:51 AM IST
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Twitter (For Representation Only)
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ब्राजील के स्वास्थ्य प्राधिकरण एनविसा ने बुधवार को कहा कि एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण में एक वॉलंटियर (स्वयंसेवक) की मृत्यु हो गई है।  हालांकि उसे इस वैक्सीन की खुराक नहीं दी गई थी। इसके साथ ही एनविसा ने यह भी कहा कि वैक्सीन का परीक्षण जारी रहेगा। 
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समाचार एजेंसी रॉयटर्स को इस मामले से परिचित एक सूत्र ने बताया कि जिस वॉलंटियर की मौत हुई है अगर उसे कोविड-19 वैक्सीन दिया गया होता, तो परीक्षण को निलंबित कर दिया गया होता। उन्होंने बताया कि वह व्यक्ति उस नियंत्रण समूह का हिस्सा था जिसे मेनिन्जाइटिस की दवा दी गई थी। 




ऑक्सफोर्ड ने इन परीक्षणों को जारी रखने की योजना की पुष्टि की है। ऑक्सफोर्ड ने एक बयान जारी कर कहा है कि सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद "नैदानिक परीक्षण की सुरक्षा के बारे में चिंता की कोई बात नहीं है।"

एस्ट्राजेनेका ने इस मामले में तुरंत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

वैक्सीन विकसित करने की दौड़ में एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की जा रही कोविड-19 वैक्सीन सबसे आगे चल रही है। इस वैक्सीन पर दुनिया सहित भारत की उम्मीदें टिकी हैं। 

बता दें कि भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट में इसी वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है। 

साओ पाउलो के संघीय विश्वविद्यालय, जो ब्राजील में तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों के समन्वय में मदद कर रहा है, ने कहा कि एक स्वतंत्र समीक्षा समिति ने भी परीक्षण जारी रखने की सिफारिश की थी। विश्वविद्यालय ने पहले पुष्टि की थी कि वॉलंटियर ब्राजीलियाई था, लेकिन उसके बारे में कोई और व्यक्तिगत जानकारी नहीं दी गई।

ब्राजील विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा, "किसी भी भाग लेने वाले वॉलंटियर में टीका-संबंधी गंभीर जटिलताओं के किसी भी मामले के बिना, सब कुछ उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा है।" 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि परीक्षण में शामिल किए गए 10,000 वॉलंटियरों में से 8,000 को ब्राजील के छह शहरों में पहली खुराक दी गई है, और इनमें से कई लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। 

सीएनएन ब्रासिल ने बताया कि वॉलंटियर 28 वर्षीय एक व्यक्ति था जो रियो डी जनेरियो में रहता था और कोविड-19 की जटिलताओं की वजह से उसकी मौत हो गई। 

एनविसा ने परीक्षणों में शामिल लोगों की चिकित्सा गोपनीयता का हवाला देते हुए कोई और जानकारी नहीं दी। 

एस्ट्राजेनेका के शेयरों में 1.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 

जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, ब्राजील में कोविड-19 के 5,273,954 मामले दर्ज हुए हैं और इस जानलेवा बीमारी से अब तक 154,837 लोगों की मौत हुई है। 

कोविड-19 से अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा लोगों की मौत ब्राजील में हुई है। अमेरिका और भारत के बाद ब्राजील कोरोना वायरस से दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। 
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