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एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का परीक्षण रुकने पर बोला डब्ल्यूएचओ, अनुसंधान में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं

Fri, 11 Sep 2020 08:37 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बना रही एस्ट्राजेनेका ने कुछ समय के लिए अपने परीक्षण के काम पर रोक लगा दी है। कंपनी ने इसलिए ऐसा किया क्योंकि परीक्षण के दौरान कई मरीज बीमार पड़ रहे थे। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक इसे चिंता की बात नहीं मानती और कहती हैं कि शोधकर्ताओं को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन की सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि ये एक अलार्म है, यह बताने के लिए क्लिनिकल परीक्षण के दौरान उतार-चढ़ाव आ सकते हैं और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। हमें किसी को हतोत्साहित नहीं करना होगा, ऐसी घटनाएं और हो सकती हैं।

कोविड-19 महामारी को खत्म करने के लिए सरकारें लगातार काम कर रही हैं। कोरोना वायरस से अब तक नौ लाख की जान जा चुकी है और विश्व में आर्थिक उथल-पुथल है। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका की ओर से बनाई जा रही वैक्सीन को आशाजनक बता चुका है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के इमरजेंसी के अध्यक्ष माइक रियान का कहना है कि ये वायरस के खिलाफ एक रेस है और लोगों की जान बचाने के लिए संगठनों के बीच दौड़ है। ये कंपनी और देशों के बीच की दौड़ नहीं है। ड्ब्ल्यूएचओ महामारीविद मारिया वान का कहना है कि कमजोर जनसंख्या को वायरस से बचाने के लिए हम बेहतर स्थिति में है, हालांकि बीमारी का प्रभाव कितने लंबे समय तक रहेगा, ये अभी भी ज्ञात नहीं है।
 

बता दें कि अमेरिका, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत समेत 60 जगहों पर इस टीके का तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा था। ट्रायल पर रोक के बावजूद भी एस्ट्राजेनेका के सीईओ पास्कल सॉरियट को वैक्सीन के जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि यह वैक्सीन इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक आ सकती है। 

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