यूएस-इंडिया काउंटर-टेररिज्म जॉइंट वर्किंग ग्रुप और डेसिगनेशंस डायलॉग में अमेरिका और भारत ने पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उसके नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का आतंकवादी हमलों के लिए उपयोग न किया जाए। इसके लिए तत्काल, निरंतर और अपरिवर्तनीय कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
बैठक में पाकिस्तान को 26/11 मुंबई और पठानकोट सहित ऐसे हमलों के अपराधियों को जल्द न्याय के दायरे में लाने को कहा गया। अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लोगों और सरकार के लिए अपने समर्थन को दोहराया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2396 में उल्लिखित महत्वपूर्ण प्रावधानों और दायित्वों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की यात्रा को बाधित करने की सूचना साझा करने और अन्य कदमों पर सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रतिबद्धता जताई गई।
यूएस-इंडिया काउंटर-टेररिज्म जॉइंट वर्किंग ग्रुप की 17वीं बैठक के यूएस-इंडिया डेसिगनेशंस डायलॉग के तीसरे सत्र में काउंटर-टेररिज्म के संयुक्त सचिव महावीर सिंघवी और अमेरिकी विदेश विभाग के समन्वयक नाथन ए सेल्स ने काउंटर टेररिज्म के लिए समन्वय पर चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के बीच मौजूद व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर करीबी समन्वय जारी रखने का संकल्प लिया।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, 'दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत आतंकवादी संस्थाओं के खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा अल-कायदा, आईएसआईएस/ दाएश, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेआईएम) और हिज्बुल मुजाहिदीन सहित सभी आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।'