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एस्ट्राजेनेका के सीईओ को पूरी उम्मीद, कहा- इस साल के आखिर तक आ सकती है वैक्सीन

Thu, 10 Sep 2020 10:06 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media
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एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारी कार्यालय (सीईओ) पास्कल सोरोट ने गुरुवार को कहा कि इस साल के आखिर तक कोरोना वैक्सीन आ सकती है। बता दें कि यह बात उन्होंने तब कही है, जब वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल पर रोक लगा दिया गया है। सीईओ ने गुरुवार को एक मीडिया इवेंट में कहा कि जब टेस्ट पूरा हो जाएगा तो चिकित्सक सुरक्षा समिति के साथ डेटा साझा करेंगे।

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बता दें कि एस्ट्राजेनेका ने अपने अंतिम चरण के वैक्सीन ट्रायल पर रोक लगा दी है। कंपनी की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि परीक्षण के दौरान एक व्यक्ति बीमार पड़ गया, जिसके बाद हमने परीक्षण पर रोक लगाने का फैसला किया। बयान में कहा गया कि यह एक रूटीन रुकावट है, क्योंकि परीक्षण में शामिल व्यक्ति की बीमारी के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हुई है।

भारत में चल रहे ट्रायल पर रोक
इसके बाद भारत में भी इस वैक्सीन के ट्रायल पर रोक लगा दिया गया। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपने एक बयान में कहा है कि स्थिति की समीक्षा की जा रही है और जब तक फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका दोबारा ट्रायल शुरू नहीं करता तब तक भारत में चल रहे ट्रायल को रोक दिया गया है। वहीं, भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में पूछा गया है कि कंपनी ने गंभीर प्रतिकूल परिणामों के बारे में सूचित क्यों नहीं किया जिस कारण उसके यूके साझेदार एस्ट्राजेनेका को ऑक्सफोर्ड कोविड वैक्सीन उम्मीदवार के वैश्विक नैदानिक परीक्षणों को 'अस्थायी रूप से विराम देना' पड़ा है। जबकि देश के अंदर 17 जगहों पर परीक्षण जारी है।
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डीसीजीआई के वीजी सोमानी ने पूछा है कि मरीजों की सुरक्षा होने तक दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षणों के लिए दी गई अनुमति को स्थगित क्यों न किया जाए। इससे पहले बुधवार को एसआईआई ने कहा था कि परीक्षण को रोकने के लिए अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। डीसीजीआई का कहना है कि पुणे की एसआईआई ने सुरक्षा के लिहाज से चरण 2 और 3 के नैदानिक परीक्षणों की निरंतरता के लिए गंभीर प्रतिकूल परिणामों का विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया है।

वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित
यह नोटिस ऐसे समय पर आया है जब एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि दूसरे और तीसरे चरण के लिए नैदानिक परीक्षण निर्बाध रूप से सभी 17 स्थानों पर जारी रहेंगे। जबकि मंगलवार को ब्रिटेन स्थित एक स्वयंसेवक ने दवा का अस्पष्टीकृत न्यूरोलॉजिकल दुष्प्रभाव दिखाया। पूनावाला ने कहा, 'वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। जहां तक भारतीय परीक्षणों का सवाल है, हमने किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं किया।'

एसआईआई ने एक बयान में कहा, ‘हम डीजीसीआई के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं और हमें अब तक परीक्षणों को रोकने के लिए नहीं बताया गया है। यदि सुरक्षा को लेकर डीजीसीआई को कोई चिंताएं हैं तो हम निर्देशों और मानक प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।’ भारत में कुल 100 स्वयंसेवकों को कोवीशील्ड वैक्सीन के परीक्षण की पहली खुराक मिल चुकी है। यदि इसे सुरक्षित प्रमाणित किया जाता है तो भारत में सीरम संस्थान द्वारा इसे निर्मित किया जाएगा। बता दें कि एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर कोरोना वैक्सीन को तैयार कर रहे हैं।

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