असम विधानसभा सत्र के दौरान चर्चा के दौरान दो विपक्षी विधायकों को शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब शिक्षा विभाग में विसंगतियों को लेकर सदन में चर्चा हो रही है। अध्यक्ष के कहने पर भी बागबोर कांग्रेस विधायक बोलते रहे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
शिक्षा मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं थे विपक्षी विधायक
बागबोर कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद हाल ही में आयोजित स्कूल मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताओं पर बोल रहे थे। उन्हें ध्यानाकर्षण के दौरान सदन से निलंबित किया गया । उन्होंने राज्य सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि बारपेटा जिले के मंडिया में एक चौकीदार खुद को स्कूल टीचर बताया था। शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने कांग्रेस विधायक के सवालों का जवाब दिया, लेकिन विपक्षी सदस्य मंत्री के जवाब से खुश नहीं थे। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बीच विपक्षी विधायक निलंबित
कार्यवाही के दौरान विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने विपक्षी सदस्यों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने अपनी-अपनी जगहों पर बार-बार बैठने के लिए कहा। गौरतलब है कि ध्यानाकर्षण में पूरक प्रश्न का कोई प्रावधान नहीं है और मंत्री विपक्ष के सवालों का जवाब दे चुके थे। इस दौरान पक्ष और विपक्ष सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्य ने मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताना जारी रखा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सदन से निलंबित कर दिया।
विधानसभा अध्यक्ष और विपक्षी विधायकों में बहस
एआईयूडीएफ विधायक अशरफुल अहमद ने विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा कि अहमद को निलंबित क्यों किया गया है जबकि वह राज्य की शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाला एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठा रहे थे। इस दौरान विधायक अशरफुल अहमद और विधानसभा अध्यक्ष के बीच बहस होने लगी। विधानसभा अध्यक्ष दैमारी ने कहा कि आप मुझसे बहस करने वाले कौन होते है। आप भी निलंबित है। हाउस मार्शल दो निलंबित विधायकों की सीटों की ओर आए, जिन्हें हॉल से बाहर निकाल दिया गया। 10 मिनट के भीतर ध्यानाकर्षण समाप्त होते ही विधानसभा अध्यक्ष ने अहमद और हुसैन दोनों को सदन में उपस्थित होने की अनुमति दे दी।