पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा पाने वाली ईसाई महिला आसिया बीबी अब अपना देश को छोड़ चुकी हैं। आसिया अब कनाडा पहुंच गई हैं। आसिया बीबी ने पाकिस्तान की जेल में आठ साल बिताए थे। बीते साल 31 अक्तूबर को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।
आसिया की रिहाई के बाद देशभर में हंगामा हुआ था। लोगों ने सरकार, कोर्ट और सेना के खिलाफ नारेबाजी तक की और लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे।
एक महिला को रिहा करने के कारण हालात इतने खराब हुए थे कि सुप्रीम कोर्ट के जजों पर भी गलत टिप्पणियां की गईं। उन्हें कहा गया कि वह सच्चे मुसलमान ही नहीं हैं। जिसके बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने वीडियो जारी कर लोगों को समझाने की कोशिश की।
कहानी 14 जून, 2009 से शुरू होती है। आसिया बीबी का तीन मुस्लिम महिलाओं से विवाद हो गया था। वह लाहौर के शेखपुरा स्थित अपने खेतों में काम कर रही थीं। तेज घूप में काम करने के कारण उन्हें प्यास लगी और उन्होंने कुंए के पास मुस्लिम महिलाओं के लिए रखे पानी के गिलास से पानी पी लिया। मुस्लिम महिलाओं ने इस बात का काफी विरोध किया।
इसके कुछ दिनों बाद मुस्लिम महिलाओं ने विरोध दर्ज कराया कि आसिया ने ईसा मसीह और पैगंबर महोम्मद की तुलना की है। उन्होंने आसिया पर ईश निंदा के तहत मामला भी दर्ज करा दिया। इसके बाद पाकिस्तान पेनल कोर्ट की धारा 295-सी के तहत आसिया को गिरफ्तार किया गया। इस कानून के तहत आरोपी को मौत की सजा सुनाई जाती है।